बीपी मंडल महासेतु नामकरण को सौंपा जायेगा ज्ञापन: अमन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 May 2018 6:10 AM (IST)
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सुपौल : राष्ट्रीय राजमार्ग 57 के समीप कोसी नदी के तट पर मंगलवार को क्षेत्रवासी सहित लोहिया यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं द्वारा बहुसंख्यक आरक्षण के जनक, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह मंडल आयोग के अध्यक्ष बीपी मंडल की पुण्यतिथि सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाया गया. लोहिया यूथ ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक डॉ अमन […]
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सुपौल : राष्ट्रीय राजमार्ग 57 के समीप कोसी नदी के तट पर मंगलवार को क्षेत्रवासी सहित लोहिया यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं द्वारा बहुसंख्यक आरक्षण के जनक, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह मंडल आयोग के अध्यक्ष बीपी मंडल की पुण्यतिथि सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाया गया. लोहिया यूथ ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत कोसी मैया की प्रार्थना सभा आयोजित कर की गयी. कार्यक्रम में बीपी मंडल के त्याग, योगदान व व्यक्तित्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया.
इसके उपरांत कोसीवासियों के द्वारा महासेतु का नाम बदलकर बीपी मंडल कोसी महासेतु का शिलापट्ट लगाकर नामकरण किया गया. मौके पर प्रदेश संयोजक डॉ कुमार ने कहा कि बीपी मंडल कोसी के सच्चे सपूत थे. बहुसंख्यक समाज के आवाज थे. वे पिछड़ों के भाग्य विधाता थे. उनके ही अथक प्रयास और कठिन सामाजिक चिंतन के कारण पिछड़ा समाज को आरक्षण के जरीये अपना अधिकार मिला. कहा कि गरीबों के दुःख-दर्द के बड़े हिमायती थे. शोषित, वंचित, उपेक्षित व दलित अत्याचार के खिलाफ सदा आवाज उठाते थे.
नामकरण से पिछड़े समाज को मिला सम्मान
डॉ कुमार ने कहा कि एनएच 57 मुजफ्फरपुर से फारबिसगंज की स्वीकृति तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की सरकार में 31 मार्च 1997 को मिली थी. जिसका गजट भी भारत सरकार के द्वारा किया गया. एनएच 57 की स्वीकृति दिलाने में सहरसा लोकसभा के तत्कालीन सांसद दिनेश चंद्र यादव व तत्कालीन केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव की महती भूमिका रही. साथ ही पूर्व सांसद सुखदेव पासवान, समाजवादी नेता शरद यादव, लोजपा सुप्रीमों रामविलास पासवान सहित अन्य का सहयोग भी अहम रहा है. स्टेट हाइवे को नेशनल हाइवे में तब्दील करने से संबंधित एनओसी पूर्व पथ निर्माण मंत्री मो इलियास हुसैन एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के द्वारा कराया गया. इस दिशा में बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का प्रयास भी सराहनीय रहा है. डॉ कुमार ने कहा कि 1934 में आई प्रलयकारी भूकंप ने एकीकृत कोसी व मिथिलांचल को दो भागों में विभक्त कर दिया. लेकिन कई दशक बाद महासेतु के निर्माण से पुनः कोसी व मिथिला क्षेत्र को एक सूत्र में पिरोये जाने का प्रयास किया गया. बीपी मंडल के नाम पर इस महासेतु का नामकरण होने से केवल कोसीवासियों का ही नहीं बल्कि बिहार और देश के पिछड़े समाज के लिए विशिष्ट सम्मान माना जायेगा.
नामकरण को ले चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान
डॉ कुमार ने कहा कि बीपी मंडल कोसी महासेतु के समर्थन में सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया है. बताया कि 05 लाख लोगों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सड़क परिवहन व राजमार्ग जहाज रानी मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल बिहार, मुख्यमंत्री, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंप कर कोसी वासियों की भावना से अवगत कराया जायेगा. कार्यक्रम में सुधीर यादव, सरपंच प्रयाग शर्मा, मनीष कुमार बर्मा, शंभु यादव, नरेश कुमार राम, प्रीतम कुमार चौधरी, मनोज यादव, अमर कुमार झा, सुभाष कुमार सुमन, फुलेन्द्र यादव, अनिरुद्ध कुमार यादव, संजीव कुमार यादव, जय कुमार मेहता, संतोष पासवान, लखन कुमार शर्मा, बालक सदा, सुशील कुमार यादव, रणवीर कुमार, अर्जुन कुमार यादव, जयशंकर पांडेय, जीतेंते कुमार झा, संतोष यादव आदि मौजूद थे.
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