Special Trains from Patna: छठ के बाद घर वापसी की रेल,पटना समेत बिहार से चलेंगी 74 स्पेशल ट्रेनें,टिकट काउंटरों पर उमड़ी भीड़
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 29 Oct 2025 7:48 AM
Special Trains from Patna
Special Trains from Patna: काम पर लौट रहे यात्रियों की भारी भीड़, टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें. रेलवे ने दिखाई फुर्ती, मुंबई-चेन्नई-दिल्ली के लिए राहत की घोषणा
Special Trains from Patna: छठ की अरुण अर्घ्य के साथ ही जब घाटों पर व्रती महिलाओं ने सूर्य को अंतिम प्रणाम किया, उसी वक्त रेलवे स्टेशनों पर एक और भीड़ जुटने लगी . कामकाजी लोगों और प्रवासियों की भीड़, जो अब घरों से लौटकर फिर से अपनी मंज़िल की ओर निकल रही है. इस भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने आज यानी 29 अक्टूबर से 74 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया है. इन ट्रेनों को बिहार के प्रमुख स्टेशनों पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल, दानापुर और पाटलिपुत्र से रवाना किया जाएगा.
रेलवे का यह निर्णय उस समय आया जब नियमित ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं और तत्काल टिकटों की बिक्री शुरू होते ही समाप्त हो जा रही है. टिकट काउंटर से लेकर प्लेटफॉर्म तक यात्रियों की लंबी कतारें बिहार में छठ के बाद लौटने वाली परंपरा की झलक पेश कर रही हैं.
पटना जंक्शन से निकलेंगी राहत की ट्रेनें
रेलवे के अनुसार अकेले पटना जंक्शन से पांच स्पेशल ट्रेनें, दानापुर से नौ और राजेंद्र नगर टर्मिनल व पाटलिपुत्र स्टेशन से एक-एक विशेष ट्रेन खुलेंगी. इससे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, सिकंदराबाद, भोपाल, पूणे और बेंगलुरु की ओर लौटने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी.
दानापुर मंडल से निकलने वाली प्रमुख ट्रेनों में दानापुर-एलटीटी, दानापुर-पूणे, दानापुर-चलपल्ली, दानापुर-बेंगलुरु और दानापुर-सिकंदराबाद स्पेशल शामिल हैं. इसके अलावा पटना से थावे, आनंद विहार टर्मिनल, निजामुद्दीन और चलपल्ली के लिए अस्थायी ट्रेनें चलाई जा रही हैं. डाउन दिशा में 37 ट्रेनें लौटने वाले यात्रियों को लेकर आएंगी. कुल मिलाकर आज रेलवे ने 74 स्पेशल ट्रेनें संचालित करने की पूरी योजना बना ली है.
शाम ढलते ही स्टेशन बने समंदर
मंगलवार शाम तक पटना का माहौल शांत था, लेकिन जैसे ही सूर्य अर्घ्य खत्म हुआ, रेलवे स्टेशनों पर कदम रखने की जगह नहीं रही. घरों से पूजा समाप्त कर सीधे स्टेशन पहुंचे यात्रियों की लहर ने प्लेटफॉर्मों को भर दिया. तेजस, संपूर्ण क्रांति, मगध एक्सप्रेस और राजधानी जैसी नियमित ट्रेनों में बैठने की जगह तक नहीं बची.
कई यात्रियों ने भीड़ से बचने के लिए राजेंद्र नगर टर्मिनल की ओर रुख किया, लेकिन वहां भी हालात समान रहे. आरपीएफ और टीटीई की अतिरिक्त टीमों को प्लेटफॉर्म पर उतारा गया ताकि बिना टिकट यात्रियों को मुख्य ट्रेनों से हटाकर स्पेशल ट्रेनों में भेजा जा सके. देर रात तक स्टेशनों पर घोषणाएं और यात्रियों की हलचल बनी रही.
टिकट के लिए सुबह से रात तक कतार
पटना जंक्शन और राजेंद्र नगर टर्मिनल के टिकट काउंटरों पर बुधवार सुबह से ही भीड़ लगनी शुरू हो गई. बड़ी संख्या में लोग घर से पूजा समाप्त कर सीधे टिकट लेने पहुंच गए. रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर कई-कई घंटे तक लोग पसीना बहाते रहे, जबकि ऑनलाइन बुकिंग पोर्टलों पर भी “वेटिंग” की स्थिति सामान्य हो गई.
राहत की बात यह है कि रेलवे ने तत्काल योजना के तहत अतिरिक्त डिब्बे लगाने और स्पेशल ट्रेनें चलाने से यात्रियों का बोझ थोड़ा कम करने की कोशिश की है. फिर भी राजधानी दिल्ली, मुंबई और पुणे के लिए टिकट मिलना अब भी मुश्किल बना हुआ है. कई यात्रियों ने कहा कि ‘जो टिकट नहीं मिले, वे अब बस या निजी गाड़ियों से निकलने को मजबूर हैं.’
दानापुर मंडल में कड़ी चौकसी
छठ के बाद लौटने वाली इस बड़ी भीड़ को संभालने के लिए दानापुर मंडल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है. सभी प्रमुख स्टेशनों पर वरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है. आरा और बक्सर जैसे जंक्शन पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और आरपीएफ कर्मी निगरानी में हैं. प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री सीमित कर दी गई है ताकि सिर्फ यात्री ही स्टेशन परिसर में रहें.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक यह भीड़ बनी रहेगी, क्योंकि कई लोग अब धीरे-धीरे काम पर लौट रहे हैं. कुल 74 स्पेशल ट्रेनें अगले चार दिनों में विभिन्न दिशाओं में नियमित रूप से चलेंगी.
भीड़ से राहत दिलाने की रेलवे की कवायद
छठ पर्व में रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. आने और लौटने वाले यात्रियों की भारी संख्या को संतुलित करना. पटना-दिल्ली मार्ग इस समय सबसे व्यस्त है, जहां हर ट्रेन फुल है और वेटिंग 400 से 500 तक पहुंच गई है. नियमित ट्रेनों में जगह न मिलने पर रेलवे ने तेजस, राजधानी, सम्पर्क क्रांति और मगध जैसी ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने का फैसला किया है.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों को उन्हीं मार्गों पर प्राथमिकता दी गई है, जहां से प्रवासी कर्मचारी और छात्र सबसे अधिक संख्या में लौटते हैं. खासतौर पर मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए विशेष शेड्यूल जारी किया गया है.
यात्रा में संयम और सजगता की अपील
छठ के अर्ध के बाद अब त्योहार की थकान पीछे छूट रही है और देशभर के कामकाजी लोग दोबारा अपने काम की ओर रवाना हो रहे हैं. यही वजह है कि बिहार के स्टेशनों पर हर साल की तरह इस बार भी लौटने का सैलाब उमड़ आया है. रेलवे प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों के सिरों का समंदर आस्था और संघर्ष दोनों की तस्वीर पेश कर रहा है.
आने वाले कुछ दिनों तक पटना से दिल्ली मार्ग सबसे अधिक व्यस्त रहेगा. भीड़ से निपटने के लिए रेलवे ने पटरी किनारे हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र बनाए हैं ताकि यात्रियों को ट्रेन की समयसारणी और प्लेटफॉर्म जानकारी आसानी से मिल सके.
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना टिकट यात्रा न करें और भीड़ से बचने के लिए समय से पहले स्टेशन पर पहुंचे. ट्रेनों में चढ़ने के दौरान अफरा-तफरी से बचें. रेलवे ने कहा है कि सभी स्पेशल ट्रेनों की समयसारणी आधिकारिक वेबसाइट और स्टेशन सूचना पटल पर उपलब्ध है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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