भागलपुर में छह साल की हुई स्मार्ट सिटी, आमलोगों को आज तक नहीं मिला योजनाओं का लाभ

Updated at : 11 Dec 2022 4:28 AM (IST)
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भागलपुर में छह साल की हुई स्मार्ट सिटी, आमलोगों को आज तक नहीं मिला योजनाओं का लाभ

Bhagalpur news: भागलपुर शहर को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में मई, 2016 में शामिल किया गया था. दिसंबर, 2016 से काम का आगाज हुआ था. इस तरह देखें, तो छह साल की उम्र स्मार्ट सिटी कंपनी ने पूरी कर ली है.

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ललित किशोर मिश्र, भागलपुर: शहर को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में मई, 2016 में शामिल किया गया था. दिसंबर, 2016 से काम का आगाज हुआ था. इस तरह देखें, तो छह साल की उम्र स्मार्ट सिटी कंपनी ने पूरी कर ली है.

इस दौरान बोर्ड ने कई निर्णय लिये और कई निर्णयों को बदला. लक्ष्य निर्धारित होते रहे और लक्ष्य की निर्धारित अवधि बढ़ायी जाती रही. लेकिन चंद सोलर लाइट को छोड़ दें, तो आज तक आमलोगों को स्मार्ट सिटी की योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है. स्थिति यह है कि अधिकतर निर्मित स्थलों पर आमलोगों को प्रवेश की भी इजाजत नहीं है.

अहम बातें

  • 2021 में काम पूरा करना था

  • 02 साल का मिला एक्सटेंशन

  • 2023 के जून तक मिली है मोहलत

  • 490 करोड़ रुपये मिल चुका है

  • 425 करोड़ रुपये खर्च हो चुका है

19 योजना पर काम, चार योजना पूरी, 15 का काम बाकी

भागलपुर स्मार्ट सिटी की कुल 19 योजना पर शहर में काम चल रहा है. इसमें चार योजना ऐसी है, जिसपर काम पूरा हो गया है. अन्य 15 योजना पर काम चल रहा है. जिन 15 योजना पर काम हो रहा है, उसे तेजी से करने का निर्देश स्मार्ट सिटी के एमडी सह नगर आयुक्त द्वारा दिया गया है.

इन चार योजनाओं का काम हो गया है पूरा

1. नाइट शेल्टर हाउस : जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बगल में स्मार्ट सिटी से नाइट शेल्टर हाउस बनाया गया है. यह 100 बेड की क्षमता का है. पांच करोड़ की लागत से बना है.

2. रुफ टॉफ सोलर सिस्टम – एसएम कॉलेज, डीडीसी कार्यालय, नगर निगम कार्यालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, ट्रेजरी, बिक्री कर कार्यालय व मेडिकल कॉलेज. इस पर 56 करोड़ की लागत आयी है.

3. सरफेस पार्किंग – सैंडिस कंपाउंड के बगल में सरफेस पार्किंग का निर्माण पूरा हो गया है. इस पर 40 लाख की लागत आयी है. इसकी शुरुआत सैंडिस कंपाउंड की बाकी योजनाओं के साथ होगी.

4. हाई मास्ट लाइट – नगर निगम परिसर, एसडीओ कार्यालय, बड़ी खंजरपुर में दो जगह, घंटा घर, बरारी थाना के पास, मायागंज अस्पताल के बगल में लाइट लगायी गयी है. 16 गलियों में 336 स्ट्रीट लाइट लगायी गयी है. इस पर लगभग ढाई करोड़ की लागत आयी है.

इन 15 योजनाओं पर काम हो रहा है काम

1. सैंडिस कंपाउंड में ओपेन स्पेस डेवलपमेंट : 38 करोड़ की लागत से काम हो रहा है. नेहरू मेमाेरियल, ओपन एयर थियेटर, क्लीवलैंड मेमोरियल, लॉन टेनिस, वॉक वे, किड्स प्ले, ट्रेलिस वॉक, जिम, बास्केटबॉल कोट का काम पूरा हो गया है. स्वीमिंग पुल, स्टेशन क्लब और बेडमिंटन कोट का काम अभी बाकी है. इसे इसी माह में पूरा करना है.

2. टाउन हॉल : लागत लगभग 30 करोड़. एक हजार सीट का बनेगा. एडवांस साउंड सिस्टम की व्यवस्था होगी. अभी तक 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. जनवरी तक काम पूरा करना है.

3. पांच स्मार्ट स्कूल : लागत लगभग छह करोड़. जिला स्कूल, राजकीय बालिका हाइस्कूल, मोक्षदा बालिका हाइस्कूल, झुनझुनवाला हाइस्कूल, सारो साहुन मध्य विद्यालय में कुछ काम बचा हुआ है.

4. कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम : लागत 197 करोड़. पूरे शहर में 15 किलोमीटर केबल बिछाने का काम होना है. इसमें 70 प्रतिशत काम हो गया है. 14 ट्रैफिक लाइट सिस्टम लग गया है और ट्रायल भी हो गया है. 1844 कैमरा लगना है, जिसमें 800 कैमरे लग चुके हैं.

5. आइ ट्रिपल सी बिल्डिंग : 27 करोड़ की लागत. जी-प्लस बिल्डिंग. इसमें से तीन फ्लोर पर साफ्टवेयर का काम व दो फ्लोर पर कार्यालय रहेगा. इस बिल्डिंग का 60 प्रतिशत का काम पूरा हो गया है.

6. रिवर फ्रंट डेवलमेंट : लागत 102 करोड़. इसमें श्मशान घाट से पुल घाट तक और पुल घाट से सीढ़ी घाट तक सौंदर्यीकरण होना है. इसमें घाट की सीढ़ी, पैदल पथ, लाइट, दो सीट वाला शवदाह गृह, दाह संस्कार कराने वाला एक दर्जन प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा. अभी काम बंद है.

7. बूढ़ानाथ घाट निर्माण : लागत सात करोड़. घाट का सौंदर्यीकरण, पार्क, लाइटिंग आदि का 55 प्रतिशत काम पूरा हो गया है.

8. भैरवा तालाब : लागत 38 करोड़. तालाब का विकास, बच्चों को खेलने की जगह, 40 दुकान, पांच सौ मीटर वॉक वे आदि का 25 प्रतिशत काम हुआ है.

9. स्मार्ट सड़क 30 किलो मीटर : लागत 220 करोड़. इसमें सड़क के अलावा बाइपास सड़क का काम होना है. सड़क का काम चल रहा है. कई जगहों पर स्मार्ट सड़क का काम पूरा हो गया है.

10. वेंडिंग जोन : लागत चार करोड़. मायागंज अस्पताल के रास्ते 25 वेंडिंग कियोस्क बन गया है. पूरे 95 कियोस्क बनना है. बाकी कियोस्क लाजपत पार्क व जीरो माइल के रास्ते में बनेंगे. बने हुए कियोस्क दुकानदारों को नहीं मिले हैं.

11.- इ-टॉयलेट : लागत तीन करोड़. इसमें 25 यूनिट बनना है. इसके लिए लाजपत पार्क, सैंडिस कंपाउंड के अंदर तीन जगहों पर, सरकारी बस स्टैंड, कोतवाली चौक, रेलवे स्टेशन, घंटाघर चौक, नगर निगम व विसर्जन घाट में जगह चिह्नित की गयी है. विसर्जन घाट में काम चल रहा है.

12. ट्रांसफर स्टेशन : लागत 22 लाख. लाजपत पार्क के बगल में बन रहा है.

13. विसर्जन घाट में तालाब का निर्माण : लागत डेढ़ करोड़. इसमें प्रतिमाओं का विसर्जन होगा.

14. एयरपोर्ट का काम : लागत 12 करोड़. एनओसी नहीं मिलने के कारण काम बंद है.

15. मल्टी लेयर पार्किंग : कचहरी चौक के पास डीडीसी ऑफिस के पीछे इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ है. इस पर 8.5 करोड़ की लागत आयेगी. यह पांच मंजिल का होगा. इसमें कार व बाइक की पार्किंग होगी.

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