लॉकडाउन का असर : बिगड़ा रसोई का बजट
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 04 Apr 2020 1:04 AM
सीवान : कोरोना संक्रमण के प्रकोप से बचाव के लिए जिले को 14 अप्रैल तक लॉक डाउन कर दिया है. लोगों को कोरोना की कहर स्वयं व अपने परिजनों की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा गाइड लाइन जारी हुआ है. प्रशासन द्वारा लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया है. वहीं लॉकडाउन का […]
सीवान : कोरोना संक्रमण के प्रकोप से बचाव के लिए जिले को 14 अप्रैल तक लॉक डाउन कर दिया है. लोगों को कोरोना की कहर स्वयं व अपने परिजनों की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा गाइड लाइन जारी हुआ है. प्रशासन द्वारा लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया है. वहीं लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस महकमा सख्त रवैया अपना रहा है. लॉक डाउन की के चलते आवागमन के साथ साथ बाजार भी प्रभावित हुआ है. ऐसे में घरों में रसोई का जायका बदल गया है. वहीं स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित हुई है. शुक्रवार को प्रभात खबर से गृहिणियों ने अपनी परेशानी और चिंता व्यक्त की.
खुदरा दुकानों तक सामान आने में होता है विलंबशहर के लक्ष्मीपुर मुहल्ला की ज्योति कहती है कि लॉक डाउन की स्थिति से रसोई का बजट बिगड़ गया है. दुकानों पर सामान महंगा मिल रहा है. खुदरा दुकानों तक सामान देरी से आ रहा है. इन दुकानों पर समय से आवश्यक समान नहीं पहुंचने से मांग बढ़ जाती है. मांग बढ़ने पर खुदरा दुकानदार ऊंचे दामों पर समान बेंच रहे है. ज्योति देवी. फोटो 07घर में कैद होने से बीमारी का आभास जीरादेई के प्रमिला के मुताबिक, लॉकडाउन से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त गया है.
घर में रहना नियति बन गयी है. कही आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया है. घर में इतनी जगह नहीं की टहल सकें. ऐसे में बीमार सा महसूस होता है .प्रमिला देवी फोटो.8.क्लिनिक बंद होने से हो रही परेशानी विजयीपुर की आरती सिंह कहती है कि विगत दिन तबीयत खराब हो गयी थी. ऐसी स्थिति में बहद घबराहट हो रही थी. जब वह घर के पास स्थित क्लिनिक गयी, तो पता चला कि वह तो कई दिनों से बंद है. आने-जाने में जो परेशानी हुई वह अलग हैं.आरती सिंह. फोटो 09 बिगड़ गया है बजट शहर के श्रीनगर निवासी प्रभा सोनी कहती है कि परिवार के कमाई का जरिया आभूषण की दुकान है. लॉक डाउन के चलते दुकान बंद हो गयी है. दुकान बंद होने के कारण परिवार का बजट बिगड़ गया है. जिसका असर घर की रसोई पर पड़ा है.प्रभा सोनी फोटो 10
खुदरा दुकानों तक सामान देरी से आ रहा है. इन दुकानों पर समय से आवश्यक समान नहीं पहुंचने से मांग बढ़ जाती है. मांग बढ़ने पर खुदरा दुकानदार ऊंचे दामों पर समान बेंच रहे है. ज्योति देवी. फोटो 07घर में कैद होने से बीमारी का आभास जीरादेई के प्रमिला के मुताबिक, लॉकडाउन से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त गया है. घर में रहना नियति बन गयी है. कही आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया है. घर में इतनी जगह नहीं की टहल सकें. ऐसे में बीमार सा महसूस होता है .प्रमिला देवी फोटो.8.क्लिनिक बंद होने से हो रही परेशानी विजयीपुर की आरती सिंह कहती है कि विगत दिन तबीयत खराब हो गयी थी. ऐसी स्थिति में बहद घबराहट हो रही थी. जब वह घर के पास स्थित क्लिनिक गयी, तो पता चला कि वह तो कई दिनों से बंद है. आने-जाने में जो परेशानी हुई वह अलग हैं.आरती सिंह. फोटो 09 बिगड़ गया है बजट शहर के श्रीनगर निवासी प्रभा सोनी कहती है कि परिवार के कमाई का जरिया आभूषण की दुकान है. लॉक डाउन के चलते दुकान बंद हो गयी है. दुकान बंद होने के कारण परिवार का बजट बिगड़ गया है. जिसका असर घर की रसोई पर पड़ा है.
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