इतिहास समेटे महाराजगंज रेलवे स्टेशन, यात्रियों को नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं

महाराजगंज स्टेशन की तस्वीर
Siwan News : महाराजगंज स्टेशन पर यात्रियों का दर्द, न पानी की व्यवस्था और न सूचना प्रणाली
महाराजगंज (सीवान) से अफजल अनवर कि रिपोर्ट
Siwan News : अनुमंडल मुख्यालय का महाराजगंज रेलवे स्टेशन सैकड़ों वर्ष पुराना है. यह स्टेशन अंग्रेजों के जमाने में प्रमुख व्यपारिक केंद्र हुआ करता था.इतने दिनों में इस स्टेशन ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं स्टेशन का पूर्ण रूप से बंद हो जाना फिर महाराजगंज से दरौंदा तक रेल बस का परिचालन शुरू होना बाद में महाराजगंज मशरख रेल लाइन बन जाने के बाद छपरा कचहरी से महाराजगंज होकर थावे कप्तानगंज तक ट्रेन का परीक्षा परिचालन शुरू होना शामिल है.आज भी स्टेशन पर रेलयात्रियों के लिए सुविधाओं का घोर अभाव है. स्टेशन परिसर में पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय व शेड की सुविधा नहीं है. महाराजगंज मशरख रेल लाइन चालू होने के बाद फॉर्मेलिटी के तौर पर ट्रेने चलाई जा रही है.सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के प्रयास से स्टेशन परिसर में नया स्टेशन भवन व रैक प्वाइंट का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है.
शौचालय जाम, पानी की व्यवस्था ठप
इस स्टेशन से होकर चार जोड़ी यात्री ट्रेनों का परिचालन कराया जाता है. सैकड़ों यात्री इस स्टेशन से यात्रा शुरू करने के लिए पहुंचते हैं. इस भीषण गर्मी के मौसम में वेटिंग रूम की सुविधा भी यात्रियों को मुहैया नहीं हो पा रही है.ऐसी सूरत में दिन व रात इस भीषण गर्मी में रिजर्वेशन टिकट लेकर दूसरे स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने स्टेशन आने जाने वाले रेल यात्री गर्मी में प्लेटफार्म पर घंटों बैठकर ट्रेन का इंतजार करने को विवश हैं.इसके अलावा स्टेशन पर शौचालय हैं. पुराना शौचालय महीनों से बिना पानी का होने के साथ साथ जाम पड़ा है.
यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहा महाराजगंज स्टेशन
महाराजगंज स्टेशन परिसर में यात्री सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है.रेलवे स्टेशन परिसर में पेयजल का नहीं होना आश्चर्यजनक है.जबकि चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेन यहां से होकर गुजरती है. जिससे यात्रा करने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. यात्रियों ने बताया कि स्टेशन परिसर में रेल परिचालन की जानकारी नहीं मिलती है. सूचना तंत्र के आज के इस युग में इस मामले स्टेशन पिछड़ा है.यहां ट्रेन की सटीक जानकारी नहीं मिलना दुखद है.
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By युवराज रतन
पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.
प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.
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