भगवानपुर हाट में सीएमआर आपूर्ति गड़बड़ी पर कार्रवाई की अनुशंसा, अनियमितता को लेकर विभाग सक्रिय
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 02 Jun 2026 7:30 PM
जिला सहकारिता कार्यालय सीवान
Siwan News : सरकारी धान अधिप्राप्ति में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
Siwan News (विवेक कुमार सिंह) : सीवान धान अधिप्राप्ति वर्ष 2024-25 के दौरान भगवानपुर हाट प्रखंड में सीएमआर आपूर्ति में सामने आई अनियमितताओं को लेकर जिला सहकारिता विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने संयुक्त निबंधक (साख),सहयोग समितियां बिहार पटना को भेजे गए अपने मंतव्य में भगवानपुर हाट के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की है.उन पर लापरवाही, कुप्रबंधन तथा वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है.जिले में धान अधिप्राप्ति वर्ष 2024-25 के दौरान भगवानपुर हाट प्रखंड की पैक्स और एक व्यापार मंडल के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की गई थी.
धान खरीद के बावजूद 90.80 मीट्रिक टन धान का मामला लंबित
समीक्षा के दौरान पाया गया कि अधिकांश समितियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य किया, लेकिन कुछ समितियों में सीएमआर आपूर्ति का मामला लंबित रह गया.इनमें बनसोंही पैक्स का मामला सबसे गंभीर माना गया है.रिपोर्ट के अनुसार बनसोंही पैक्स ने वर्ष 2024-25 में 259.80 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी.इसके बदले राज्य खाद्य निगम को मात्र 116 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति की गई, जबकि 169 मीट्रिक टन धान मिलर को स्थानांतरित किया गया था. इसके बावजूद 90.80 मीट्रिक टन धान का मामला लंबित पाया गया. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
बनसोंही पैक्स मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज
डीसीओ ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को गोदाम का भौतिक सत्यापन करने, बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के लिए कई बार निर्देशित किया गया था. इसके अलावा समीक्षा बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी लगातार निर्देश दिए गए, लेकिन निर्देशों का प्रभावी अनुपालन नहीं किया गया.रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले को गंभीर मानते हुए बनसोंही पैक्स के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद की कार्रवाई शुरू की गई.इसके बाद समिति द्वारा दो लाख रुपये जमा किए गए, लेकिन अभी भी पूरी राशि की वसूली नहीं हो सकी है.
सीएमआर आपूर्ति मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
विभाग का मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाती तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था.डीसीओ ने कहा है कि सरकारी धान अधिप्राप्ति और सीएमआर आपूर्ति से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती.किसानों और सरकारी संसाधनों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है. उन्होंने संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध उचित प्रशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा की है.
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