Ration Card: बिहार के सीवान जिले के राशन कार्डधारकों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है. अनाज की कालाबाजारी रोकने और फर्जी राशन कार्ड पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सरकार ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है. इसके बावजूद भी जिले में आधार सीडिंग और ई-केवाईसी लोग नहीं करा रहे हैं. इसका सीधा असर लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ सकता है.
आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 27 लाख 61 हजार 523 राशन कार्डधारी हैं. इनमें से अब तक केवल 20 लाख 65 हजार 936 लाभुकों ने ही ई-केवाईसी पूरी कराई है. करीब 6 लाख 95 हजार 587 लाभुक ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है. ऐसे लाभुकों का राशन अब खतरे में है.
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने क्या कहा?
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि 31 जनवरी तक ई-केवाईसी नहीं कराई गई तो राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे. राशन का आवंटन भी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. विभाग का कहना है कि समय सीमा के बाद किसी को भी अतिरिक्त मौका नहीं दिया जाएगा.
एक ही व्यक्ति के नाम पर दो जगह राशन कार्ड!
बार-बार चेतावनी, नोटिस और समीक्षा बैठकों के बावजूद भी ई-केवाईसी की प्रगति संतोषजनक नहीं मानी जा रही है. विभाग का मानना है कि कई राशन कार्डधारी अब जिले में नहीं रहते या उनकी मृत्यु हो चुकी है. कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर दो जगह राशन कार्ड होने की भी आशंका जताई जा रही है. ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक और पात्र लोगों तक ही पहुंचे.
e-KYC नहीं कराने पर छिन सकता है इन योजनाओं का भी लाभ
सबसे गंभीर बात यह है कि ई-केवाईसी नहीं कराने पर सिर्फ राशन ही नहीं, बल्कि सरकार की सात अहम योजनाओं का लाभ भी छिन सकता है. इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना, श्रमिक योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शामिल हैं. इन सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड अनिवार्य डॉक्यूमेंट है.
एसडीओ ने क्या कहा?
सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने कहा कि ई-केवाईसी से फर्जी लाभुकों की पहचान होगी और जरूरतमंद लोगों को पूरा हक मिल सकेगा. वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे 31 जनवरी से पहले हर हाल में ई-केवाईसी करा लें, ताकि राशन और अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित न होना पड़े.

