ePaper

निष्पक्ष चुनाव के आधार हैं सेक्टर पदाधिकारीः डीएम

Updated at : 18 Oct 2025 10:10 PM (IST)
विज्ञापन
निष्पक्ष चुनाव के आधार हैं सेक्टर पदाधिकारीः डीएम

शनिवार को डॉ अंबेडकर भवन में विधानसभा चुनाव को लेकर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सेक्टर पदाधिकारियों का प्रशिक्षण दो सत्र में आयोजित हुआ. बताया गया कि सेक्टर पदाधिकारी का कार्य निर्वाचन प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है. उनका दायित्व सबसे पहले शुरु होकर अंत तक रहता है.

विज्ञापन

प्रतिनिधि , सीवान. शनिवार को डॉ अंबेडकर भवन में विधानसभा चुनाव को लेकर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सेक्टर पदाधिकारियों का प्रशिक्षण दो सत्र में आयोजित हुआ. बताया गया कि सेक्टर पदाधिकारी का कार्य निर्वाचन प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है. उनका दायित्व सबसे पहले शुरु होकर अंत तक रहता है. प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित 105- सीवान एवं 106-जीरादेई के लिए प्रतिनियुक्त सामान्य प्रेक्षक ने कहा कि सेक्टर पदाधिकारी चुनाव की धुरी हैं तथा क्षेत्र में आप ही भारत निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन की आंख और कान हैं. सामान्य प्रेक्षक ने कहा कि सबसे पहले आपको वलनरेबल क्षेत्र और क्रिटिकल बूथ की पहचान करनी है. इसके लिए उन्होंने विभिन्न मापदंड को विस्तार से बताया गया. कहा गया कि आपके पास आवंटित किए गए बूथों का नजरी नक्शा, रूटचार्ट और कम्युनिकेशन प्लान होना चाहिए. उपस्थित सेक्टर पदाधिकारी से प्रश्न पूछ कर उनकी तैयारी की भी समीक्षा सामान्य प्रेक्षक के द्वारा की गई. सभी प्रतिनियुक्त सेक्टर पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र केअंतर्गतआने वाले मतदान केंन्द्रों का भ्रमण कर भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया. इस दौरान एएमएफ और पहुंच पथ की अद्यतन स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया गया. अपने क्षेत्र के इलाके का भ्रमण करते हुए आसूचना एकत्र कर भेद्यता मानचित्रण के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया. बताया गया कि इसके आधार पर ही कार्रवाई होती है और अर्धसैनिक व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाती है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश ने कहा कि आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि आपको मॉडल कोड आफ कंडक्ट की पूर्ण जानकारी है. ताकि क्षेत्र में उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके. जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन संपन्न करने के लिए सेक्टर पदाधिकारी प्रथम आधार होते हैं. उन्होंने बताया कि चुनाव के पूर्व आप सभी को मजिस्ट्रेट की शक्ति प्राप्त हो जाती है. लॉ एंड ऑर्डर का संधारण भी आपकी जिम्मेदारी होती है. बताया गया कि ईवीएम की सुरक्षा से लेकर टैग बूथों के पोलिंग पार्टी के मतदान केंद्र तक पहुंचने, बूथ पर मॉक पोल से लेकर, सीलिंग, वास्तविक पोल, विभिन्न घोषणा आदि आपकी निगरानी में होना है. पोल्ड ईवीएम के वज्रगृह में जमा होने और आपको मिले रिजर्व ईवीएम आवश्यकता पड़ने पर मशीन को बदलना और तत्काल उसकी रिपोर्टिंग करना भी आपकी जवाबदेही है. नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग उपेंद्र प्रसाद यादव ने पीपीटी के माध्यम से नियुक्ति से लेकर चुनाव पूर्व, चुनाव वाले दिन और चुनाव समाप्ति तक सभी कार्यों को बेहद सूक्षमता से समझाया. उन्होंने प्रदान किए गए किट और उसमें मौजूद विभिन्न प्रपत्र की उपयोगिता और उसे भरने के तरीके को गहनता से समझाया. जिला पदाधिकारी द्वारा प्रश्न पूछ कर तैयारी की जांच की गई. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दायित्व निर्वहन में किसी भी प्रकार की चूक क्षम्य नहीं है. मौके पर 105- सीवान के लिए प्रतिनियुक्त प्रेक्षक सोनाली पोंक्षे वयंगणकर एवं 106- जीरादेई के प्रतिनियुक्त प्रेक्षक दिव्य प्रकाश गिरी एवं वरीय पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग सह जिला बंदोबस्त पदाधिकारी सुजीत कुमार, नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग उपेंद्र कुमार यादव, मास्टर प्रशिक्षक एवं सेक्टर पदाधिकारी उपस्थित रहें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK MISHRA

लेखक के बारे में

By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन