गुठनी. प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में फार्मर आईडी बनाने के कार्य में राजस्व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति किए जाने से अंचल कार्यालय का नियमित कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है. जमीन से जुड़े कार्यों के लिए अंचल कार्यालय पहुंच रहे किसानों को बिना काम कराए ही लौटना पड़ रहा है. सरकार द्वारा किसानों के लिए फार्मर आइडी बनाना अनिवार्य किए जाने के बाद अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मियों को इसी कार्य में लगा दिया गया है. इसके चलते दाखिल-खारिज, नामांतरण, परिमार्जन, सीमांकन सहित अन्य महत्वपूर्ण भूमि संबंधी कार्य प्रभावित हो गए हैं. दूर-दराज के गांवों से आने वाले किसान सुबह से कार्यालय का चक्कर लगाते हैं, लेकिन कर्मियों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें निराश होकर बैरंग लौटना पड़ता है. किसानों की बढ़ रही है नाराजगी किसान बैकुंठ दुबे, उदय प्रताप सिंह, देवेंद्र राय, प्रभात सिंह और रामावती देवी सहित कई किसानों ने बताया कि जमीन संबंधी कार्य पहले से ही जटिल और समय लेने वाले होते हैं. ऐसे में बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना उनके लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का कारण बन रहा है. किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि यदि फॉर्मर आईडी बनाना जरूरी था, तो इसके लिए अलग से कर्मियों की व्यवस्था की जानी चाहिए थी. जमीन संबंधी कार्यों में देरी के कारण सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण समेत अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. राजस्व कर्मियों की मजबूरी- इस संबंध में अंचल कार्यालय के कर्मियों ने बताया कि उन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फार्मर आइडी बनाने के कार्य में लगाया गया है. जब तक यह कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक सामान्य कार्यों के संचालन में परेशानी बनी रहेगी. किसानों ने जिला प्रशासन से किया मांग- किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अंचल कार्यालय के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि जमीन संबंधी मामलों का समय पर निष्पादन हो सके. और किसानों को राहत मिल सके.
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