सीवान सदर अस्पताल में खत्म हुई ऑक्सीजन, इमरजेंसी में मचा हड़कंप, ICU से सिलेंडर लाकर बचाई गई मरीजों की जान

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हाथी का दांत बना ऑक्सीजन प्लांट | Prabhat Khabar Network

हाथी का दांत बना ऑक्सीजन प्लांट

सीवान सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. मंगलवार दोपहर इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन खत्म होने से मरीजों और परिजनों में हड़कंप मच गया. ICU से सिलेंडर लाकर मरीजों को बचाया गया.

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सीवान: सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई. मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे 18 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड में अचानक ऑक्सीजन खत्म हो जाने से अफरा-तफरी मच गई. ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीज तड़पने लगे और उनके परिजन घबरा गए. जांच में पता चला कि मुख्य ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी तरह खाली हो चुका है, जबकि अस्पताल में तत्काल उपयोग के लिए एक भी भरा हुआ सिलेंडर उपलब्ध नहीं था.

स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने ICU में लगे दो ऑक्सीजन सिलेंडर हटाकर इमरजेंसी वार्ड में लगाए. इसके बाद मरीजों को ऑक्सीजन मिल सकी और हालात सामान्य हुए. यदि कुछ और देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था.

पहले ही दी गई थी चेतावनी

अस्पताल के चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई दिन पहले ही अधीक्षक को लिखित और मौखिक रूप से बताया था कि ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है और अतिरिक्त सिलेंडरों की व्यवस्था की जानी चाहिए. कर्मचारियों के अनुसार, 18 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड में यदि पांच मरीजों को लगातार ऑक्सीजन दी जाए तो एक सिलेंडर करीब एक घंटे में ही खाली हो जाता है.

अलार्म सिस्टम भी नहीं

कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की जानकारी देने वाला कोई अलार्म सिस्टम नहीं है. विशेषकर रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि समय पर पता ही नहीं चल पाता कि सिलेंडर कब खाली हो गया.

तीन साल से बंद पड़ा पीएम केयर्स का ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री केयर्स फंड से सदर अस्पताल में 1000 लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाया गया था. इसका उद्घाटन 10 जुलाई 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया था. इस प्लांट से अस्पताल की पाइपलाइन के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलेंडर भी भरे जा सकते थे.

लेकिन तकनीकी खराबी, विभागीय उदासीनता और प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं होने के कारण यह प्लांट पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है. 2 नवंबर 2023 से अस्पताल के किसी भी वार्ड में पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन आपूर्ति बंद है और पूरा अस्पताल केवल सिलेंडरों के सहारे चल रहा है.

अधीक्षक ने क्या कहा

सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 12 से 14 ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत होती है. लेकिन सोमवार को अचानक 24 सिलेंडर खर्च हो गए. उन्होंने कहा कि ICU के गोदाम में सात सिलेंडर उपलब्ध थे और मंगलवार की घटना "मिस कम्युनिकेशन" के कारण हुई. मामले की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई है.

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अमरनाथ शर्मा

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By अमरनाथ शर्मा

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