प्रतिनिधि, बड़हरिया. बड़हरिया नगर पंचायत के गठन के तकरीबन तीन साल बीत गये, लेकिन कचरा डंपिग को लेकर अभी तक सरकारी जमीन नहीं मिल सकी. नगर पंचायत में कचरा निस्तांतरण केंद्र नहीं बनाए जाने से क्षेत्र से निकलने वाले कचरों से सुरहियां दलित बस्ती के लोगों के साथ ही अन्य लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. नगर पंचायत लीज पर जमीन लेकर बड़हरिया-बरौली मुख्यमार्ग से सुरहियां नहर मार्ग को जोड़ने वाले बाइपास रोड में सड़क से सटे उत्तर दिशा में कूड़ा-कचरे का जमा किया जाता है. यहां कूड़ा-कचरा फैलकर प्रायः आधी सड़क पर आ जाता है,जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जब कचरा जलाया जाता है तो उससे उठने वाली दुर्गंध से स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो जाता है. निस्तांतरण केंद्र नहीं बनाए जाने से सुरहियां डंपिंग होने से आसपास के लोगों को दुर्गंध से काफी परेशानी होती है. उनका कहना है कि कचरों-प्लासटिक से निकलने वाली दुर्गंध से उनका जीना दुश्वार हो चुका है. नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी का कहना है कि कचरा निस्तारण के लिए प्रशासन को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो पायी है. इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में वहां कचरे का निस्तारण करना पड़ रहा है.उन्होंने कहा कि चैयरमैन सहित अन्य वार्ड पार्षद इसके निदान के लिए लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं.निकट भविष्य में कोई हल निकाला जायेगा.
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