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इंजीनियर बनकर कंपनी में गये, पैकिंग का मिला काम

Updated at : 17 Jun 2024 10:19 PM (IST)
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इंजीनियर बनकर कंपनी में गये, पैकिंग का मिला काम

सिसवन प्रखंड क्षेत्र के बावंडीह स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में कैंपस सलेक्शन के बाद जॉब करने गए छात्रों ने फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है. इनका कहना है कि जिस ट्रेड के लिए चयन हुआ, वह काम लेने के बजाये वहां पैकिंग का कार्य कराया जाने लगा.इससे नाराज ये युवक घर लौट आये हैं

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सीवान: सिसवन प्रखंड क्षेत्र के बावंडीह स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में कैंपस सलेक्शन के बाद जॉब करने गए छात्रों ने फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है. इनका कहना है कि जिस ट्रेड के लिए चयन हुआ, वह काम लेने के बजाये वहां पैकिंग का कार्य कराया जाने लगा.इससे नाराज ये युवक घर लौट आये हैं.उधर बिना सूचना के काम छोड़ने के मामले में कंपनी ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की है. जॉब छोड़कर घर आने वालों में आदित्य कुमार ,संजीत कुमार, चंदन कुमार रवि राज, संदेश कुमार यादव सहित अन्य युवक शामिल हैं. संदेश कुमार यादव ने बताया कि तीन माह पूर्व कॉलेज कैंपस में हिताची कंपनी ने कैंपस प्लेसमेंट के लिए एक कैंप का आयोजन किया गया था. जिसमें कंपनी के मैनेजर रैंक के अधिकारी शामिल हुए थे. कैंप में करीब एक दर्जन से अधिक छात्रों का अलग अलग ट्रेडों में कैंपस प्लेसमेंट हुआ था. जिसमें मेरा भी चयन हुआ था. छात्र ने बताया कि चयन के बाद जब हम कंपनी में जॉब करने के लिए गए तो वहां पर हमें पैकिंग का काम दिया गया. जिसका मैं विरोध करते हुए काम नहीं करने की बात कहने लगा तो कंपनी में कार्यरत अधिकारी धमकी देने लगे की तुम्हारा सीवी खराब कर देंगे. छात्र ने आरोप लगाया कि केंपस प्लेसमेंट के दौरान कंपनी के अधिकारी नहीं बल्कि कंपनी के अधिकारी बनकर एजेंट आते हैं और छात्रों का चयन होने के बाद वह उसे कंपनी को दे देते हैं. इधर कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रवीण पचौरी ने छात्रों के आरोप को खारिज करते हुए बताया कि इंटर्नशिप के दौरान सभी अभ्यर्थियों को सभी ट्रेडों की जानकारी दी जाती है. जो बच्चे कंपनी छोड़कर आए हैं उनमें से कुछ का चयन किसी अन्य कंपनियों में हुआ है . बोले जिम्मेदार केंपस प्लेसमेंट में चयनित अभ्यर्थियों को मल्टी स्किल की जानकारी होना जरुरी होता है.इसलिए अभ्यर्थियों को डिप्लोमा इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग दी जाती है.जिसमें सभी ट्रेड के अभ्यर्थियों को पैकिंग करने सहित अन्य तरह की जानकारी दी जाती है. बावांडीह पॉलिटेक्निक कॉलेज (सीवान)से करीब 40 छात्रों का चयन हुआ था.जिसमें 35 छात्र आज भी कंपनी में काम कर रहे हैं.कंपनी छोड़ने वाले पांच अभ्यर्थियों की पारिवारिक समस्या थी जिसके चलते वे चले गए. सुशील कुमार,एचआर,हिताची कंपनी

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