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तारीख के आईने में शहाबुद्दीन की आजादी के 21 दिन, हेलमेट से छिपाना पड़ा चेहरा

Updated at : 30 Sep 2016 7:52 PM (IST)
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तारीख के आईने में शहाबुद्दीन की आजादी के 21 दिन, हेलमेट से छिपाना पड़ा चेहरा

सीवान : हत्या के एक मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत रद्द किये जाने के बाद राजद के विवादित नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन आज 20 दिन बाद वापस सलाखों के पीछे पहुंच गये. शीर्ष अदालत के आदेश के कुछ घंटों बाद शहाबुद्दीन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संदीप कुमार की अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया. उनका […]

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सीवान : हत्या के एक मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत रद्द किये जाने के बाद राजद के विवादित नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन आज 20 दिन बाद वापस सलाखों के पीछे पहुंच गये. शीर्ष अदालत के आदेश के कुछ घंटों बाद शहाबुद्दीन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संदीप कुमार की अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया. उनका चेहरा ढका था क्योंकि वे हेलमेट पहनकर एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर अदालत पहुंचे. शहाबुद्दीन 11 साल जेल में रहने के बाद 10 सितंबर को जेल से बाहर निकले थे. राजद प्रमुख लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले शहाबुद्दीन ने अदालत परिसर में संवाददाताओं से कहा कि मैं उस सच के साथ खड़ा हूं जो मैंने उनके बारे में कहा था :परिस्थितियों के मुख्यमंत्री. मुझे आज सच बोलने में कोई दिक्कत नहीं है.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में

सीजेएम अदालत ने आज उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा. जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस ने शहाबुद्दीन को हिरासत में लिया. इसके बाद उन्हें सीवान संभागीय जेल ले जाया गया. राजद नेता के खिलाफ 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह बीते 10 सितंबर को ही भागलपुर जेल से रिहा हुए थे. पटना उच्च न्यायालय ने सात सितंबर को उनकी जमानत मंजूर की थी. यह मामला 2014 में राजीव रोशन की हत्या से जुड़ा है जो दस साल पहले सीवान में तेजाब डालकर उनके दो भाइयों की बर्बर हत्या के मामले में गवाह थे.

न्यायालय का सम्मान करता हूं-पूर्व सांसद

उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी जमानत रद्द करने के आदेश के बारे में पूछे जाने पर शहाबुद्दीन ने कहा कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि मैं न्यायिक फैसले पर क्या कह सकता हूं. मेरे वकील इस पर बोल सकते हैं. उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद आज सीवान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया. सीवान में मारे गये तीन भाइयों के पिता के आवास तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.

तारीखों के आइने में पूरा घटनाक्रम

7 सितंबर : पटना हाइकोर्ट ने राजीव रौशन हत्याकांड में शहाबुद्दीन को दी जमानत.
10 सितंबर : 11 साल सीवान और भागलपुर जेल में बंद रहने के बाद बाद शहाबुद्दीन की रिहाई.
10 सितंबर : जेल से बाहर आते ही नीतीश कुमार को लेकर दिया बयान.
11 सितंबर : निजी चैनल से बातचीत में कहा नीतीश कभी मास लीडर नहीं रहे, मेरे नेता लालू.
16 सितंबर : प्रशांत भूषण ने पीड़ित चंदा बाबू के पक्ष में जमानत रद्द करने के लिये सुप्रीम कोर्ट गये.
16 सितंबर : बिहार सरकार भी जमानत रद्द करने के लिये सुप्रीम कोर्ट गयी.
19 सितंबर : सुप्रीम कोर्ट ने दायर अपीलों पर शहाबुद्दीन और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप को नोटिस जारी किया.
23 सितंबर : पत्रकार राजदेव की पत्नी ने सुरक्षा और हत्या के केस को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिये सुप्रीम कोर्ट पहुंची.
25 सितंबर : चंदा बाबू की पत्नी भी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची.
28 सितंबर : सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगायी, साक्ष्य नहीं रखने का दिया हवाला.
29 सितंबर : सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत को चुनौती देने वाली अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रखा.
30 सितंबर : सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाइकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए शहाबुद्दीन की जमानत को रद्द किया.

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