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114 करोड़ से 29 नये पुलों का होगा निर्माण

Updated at : 12 Apr 2025 9:24 PM (IST)
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114 करोड़ से 29 नये पुलों का होगा निर्माण

पिछले साल मॉनसून के आगमन के साथ ही जिले में पांच पूलों के ध्वस्त होने व एक पुल में दरार ही घटना सुर्खियों में रही.इसके एक वर्ष के अंदर ही इन सभी स्थानों के अलावा अन्य जर्जर पुलों से भी लोगों को अब राहत मिल जायेगी. मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना से सात विधानसभा क्षेत्रों में 29 पुल-पुलियों का निर्माण कराया जायेगा. इस पर करीब 114 करोड़ 81 लाख 67 हजार 110 रूपये खर्च होंगे.

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जितेंद्र उपाध्याय,सीवान. पिछले साल मॉनसून के आगमन के साथ ही जिले में पांच पूलों के ध्वस्त होने व एक पुल में दरार ही घटना सुर्खियों में रही.इसके एक वर्ष के अंदर ही इन सभी स्थानों के अलावा अन्य जर्जर पुलों से भी लोगों को अब राहत मिल जायेगी. मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना से सात विधानसभा क्षेत्रों में 29 पुल-पुलियों का निर्माण कराया जायेगा. इस पर करीब 114 करोड़ 81 लाख 67 हजार 110 रूपये खर्च होंगे. इसमें सात पुलों के निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के साथ ही निविदा की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है. कार्ययोजना के मुताबिक आने वाले छह माह के अंदर सभी जगह पर पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में रहेगा.इसके साथ ही संवेदकों को अगले पांच वर्ष तक मरम्मत का कार्य भी इन पुलों का अनिवार्य रूप से करना होगा. ये पुल हुए थे ध्वस्त पिछले वर्ष जुन माह में महाराजगंज प्रखंड के नवतन, तेवथा, और देवरिया पड़ाईन टोले में बने तीन पुल एक ही रात ध्वस्त हो गए थे. इसके अलावा नौतन सिकंदरपुर गांव के समीप गंडकी नदी (शाखा) छाड़ी पर बना पुल भी ध्वस्त हो गया था. भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के मिरजुमला पंचायत के जुआफ़र गांव में गंडकी नदी पर बने पुल में दरारें आ गई थी. उधर दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ा पंचायत के गोरौली में बना पुराना पुल भी ध्वस्त हो गया था. सबसे अधिक दरौंदा प्रखंड में होगा पुलों का निर्माण मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत यह पहल ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.. इससे न सिर्फ लोगों की दैनिक यात्रा आसान होगी, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. पुल निर्माण से गांवों का संपर्क अब बाजार, शिक्षा केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और जिला मुख्यालय से बेहतर होगा. विभाग का दावा है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा. प्रत्येक पुल के निर्माण स्थल पर साइनबोर्ड, और कार्य प्रगति की रिपोर्ट सुनिश्चित की जायेगी. कार्य प्रस्ताव के मुताबिक दरौंदा प्रखंड क्षेत्र में सर्वाधिक आठ पुलों का निर्माण होगा. इसके बाद सर्वाधिक संख्या गोरयाकोठी में 7 की है. सीवान सदर, गुठनी,हुसैनगंज, जीरादेई, मैरवा, बड़हिरया व नौतन में एक एक पुल का निर्माण होगा.इसके अलावा बसंतपुर में 3, लकड़ी नबीगंज में 2, सिसवन में 2 पुल निर्माण होने हैं. सात पुलों के निर्माण के लिए विभाग ने दी है प्रशासनिक स्वीकृति ग्रामीण कार्य विभाग ने सात पुल के निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है. इन पर 46 करोड़ 8 लाख 16 हजार रुपए खर्च होंगे.इनके निर्माण पूरा हो जाने पर लोगों को अब जर्जर पुलों से निजात मिल जायेगी.इसके अलावा कई पुलों के निर्माण से सफर भी कम हो जायेंगे. इन पुलों की लंबाई, डिजाइन और निर्माण तकनीक को स्थानीय भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.खास बात यह है कि इनमें से कई पुल हाई लेवल ब्रिज होंगे, जिससे बाढ़ या अधिक जलप्रवाह की स्थिति में भी आवागमन बाधित नहीं होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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