1.07 लाख छात्रों के पास आधार नहीं, अपार आईडी बनाने में दिक्कत, योजना से भी वंचित

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Siwan News :

पढ़ाई करते बच्चों का फाइल फोटो.

Siwan News : जिले में 3 लाख 59 हजार 332 छात्रों के पास आधार कार्ड उपलब्ध है, जबकि 3 लाख 26 हजार 466 छात्रों का आधार सत्यापित (वेरिफाई) किया जा चुका है.

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सीवान से मनीष गिरि की रिपोर्ट

Siwan News : सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है. आधार कार्ड नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की अपार (APAAR) आईडी नहीं बन पा रही है. ऐसे छात्रों को भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 3,215 प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान कुल 4 लाख 60 हजार 45 छात्र नामांकित हैं. इनमें से 3 लाख 59 हजार 332 छात्रों के पास आधार कार्ड उपलब्ध है, जबकि 3 लाख 26 हजार 466 छात्रों का आधार सत्यापित (वेरिफाई) किया जा चुका है.

अब तक 2.81 लाख ही छात्रों का अपार जनरेट

आंकड़ों के अनुसार अब तक 2 लाख 81 हजार 313 छात्रों का अपार आईडी जनरेट की जा चुकी है, जबकि 1 लाख 78 हजार 732 छात्रों की अपार आईडी नहीं बन सकी है. शिक्षा विभाग ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी विद्यालयों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

विभाग का कहना है कि आने वाले समय में छात्रवृत्ति, पोशाक योजना, साइकिल योजना, मध्याह्न भोजन, पुस्तक वितरण समेत अन्य सरकारी योजनाओं में आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है. ऐसे में जिन छात्रों का आधार कार्ड नहीं होगा, उन्हें इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है.

आधार कार्ड को लेकर अभिभावकों में चिंता

जिले के सरकारी विद्यालयों में नामांकित 1 लाख 703 छात्रों के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है. यही वजह है कि उनकी अपार आईडी नहीं बन पा रही है. इस स्थिति को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ने लगी है.

कई अभिभावकों का कहना है कि उन्हें आधार और अपार आईडी की अनिवार्यता की पर्याप्त जानकारी नहीं थी. वहीं शिक्षकों के अनुसार सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके बच्चों का आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाया है. शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया है.

यहां जानिए… क्या है अपार आईडी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत ‘एक राष्ट्र, एक छात्र पहचान’ की अवधारणा को लागू करने के लिए अपार (APAAR) आईडी शुरू की गई है. APAAR का पूरा नाम ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री है.

यह 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जिसमें छात्र की संपूर्ण शैक्षणिक जानकारी सुरक्षित रहती है. इसमें प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक का रिकॉर्ड, स्कोर कार्ड, मार्कशीट, डिग्री, ग्रेड शीट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध रहते हैं.

इस आईडी के माध्यम से किसी भी छात्र के एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरण की स्थिति में उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगी.

क्या कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी

जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों का आधार बनवाने के लिए सभी बीईओ सहित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है. इसके लिए प्रखंड व विद्यालय स्तर पर अभियान चलाकर छात्रों तथा अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है. अपार आईडी छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. हिंदुस्तान और दैनक भास्कर में काम कर चुके हैं. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

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राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला. दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद डिजिटल में पारी की शुरुआत की.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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