बढ़ती गर्मी के बीच भू-जल स्तर में 30 सेंटीमीटर की आयी गिरावट

Updated at : 01 May 2019 4:54 AM (IST)
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बढ़ती गर्मी  के बीच भू-जल स्तर में 30 सेंटीमीटर की आयी गिरावट

सीवान : पिछले एक सप्ताह से मौसम परिवर्तन ने लोगों को घर से निकलना मुहाल कर दिया है. तेज धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने उमस बढ़ा दी है. हालात यह है कि तापमान 43 डिग्री सेंटीग्रेड को भी पार हो गया है. पिछले दो से तीनों में तापमान इसी के इर्द-गिर्द घूम रहा […]

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सीवान : पिछले एक सप्ताह से मौसम परिवर्तन ने लोगों को घर से निकलना मुहाल कर दिया है. तेज धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने उमस बढ़ा दी है. हालात यह है कि तापमान 43 डिग्री सेंटीग्रेड को भी पार हो गया है.

पिछले दो से तीनों में तापमान इसी के इर्द-गिर्द घूम रहा है. मौसम विभाग की बातों पार गौर करें तो अगले एक सप्ताह में तापमान में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इस बीच तापमान के 46 डिग्रीसेंटीग्रेड तक पहुंचने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर जिले के भूजल स्तर में एक मीहने में 30 सेंटीमीटर की गिरावट आयी है.
इधर बढ़ते तापमान का असर व्यवसाय से लेकर बिजली की आपूर्ति व लोगों के सेहत पर पड़ रहा है. शादी विवाह के मौसम में जहां बाजारों में सन्नाटा देखने को मिल रहा है, वहीं व्यवसाय पर 30 से 40 फीसदी का असर पड़ा है.
सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर बाद चार बजे तक बाजारों में सन्नाटा छाया रह रहा है. वहीं बढ़ती गर्मी से लोड शेडिंग बढ़ गया है. सुबह 10 बजते बजते तेज धूप से सड़कें सुनसान हो जा रही हैं. गर्मी से बचने के लिए लोग ठंडा, आइसक्रीम, बर्फ, सत्तू आदि का सेवन कर रहे हैं. इसकी डिमांड इन दिनों बढ़ गयी है.
व्यवसाय पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव :
कपड़ा व्यवसायी पवन कुमार ने बताया कि लग्न के दिन में भी व्यापार मंदा हो गया है. बढती गर्मी में वैवाहिक खरीदारी में 30 से 40 फीसदी तक कमी आयी है. विवाह के लिए कपड़े की खरीदारी छिटपुट हो गयी है. स्टेशन रोड के जेनरल स्टोर व्यवसायी रामाशंकर सिंह बताते कि गर्मी के असर से बाजार भी अछूता नहीं हैं. दोपहर 10 से चार बजे के बीच बिक्री का दारोमदार ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले ग्राहकों तक सीमित हैं.
30 मेगावाट की हुई है वृद्धि
गर्मी के दिनों में बिजली की खपत में भी वृद्धि हुई है. विभाग से प्राप्त के अनुसार सामान्य दिनों की अपेक्षा बिजली की खपत में 30 मेगावाट की वृद्धि हुई है. विद्युत कार्यपालक अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए बिजली की खपत 110 मेगावाट तक पहुंच गयी है, जबकि सामान्य दिनों में 80 मेगावाट रहता है.
वहीं उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 22 से 23 घंटे बिजली अपूर्ति का दावा किया, जबकि शहरवासियों ने बताया कि 17 से 18 घंटा बिजली मिल रही है. ग्रमीण क्षेत्रों में हवा के थपेड़ों के बीच बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है. तार टूटने से अगलगी की घटना में भी वृद्धि हुई है.
गर्मी में आंखों की करें देखभाल
नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ शरद चौधरी ने बताया कि गर्मी में सूर्य की तेज अल्ट्रा वायलेट किरण से आंखों पर खतरा बना रहता है. इससे आंखों के खराब होने की आशंका बनी रहती है. क्योंकि इन किरणों से मोतियाबिंद, मैक्यूलर डिजनरेशन, टेरेजियम जैसे नेत्र रोग हो सकते हैं.
इसके अलावा वायरल कंजक्टिवाइटिस, एलर्जी भी होती है. इसमें आंखों में जलन, खुजली होने के साथ लालिमा रहती है. गर्मी में आई फ्लू भी हो सकता है. बाहर निकलते समय आंखों में रंगीन चश्मा, सिर पर कैप पहनने के साथ, स्कार्फ बांध लेना चाहिए. बच्चों के आंखों पर भी ज्यादा प्रभाव न पड़े इसके लिए उपाय किये जाने चाहिए.
तीन दिनों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले दो से तीन दिन में बादल छाये रहेंगे. कही कही बारिश हो सकती है. हालांकि इस दौरान भी तापमान में कोई खास कमी नहीं देखने को मिलेगा. वहीं रविवार को आसमान में बादल छाये रहेंगे. मंगलवार को आर्द्रता जहां 32 फीसदी रहा, वहीं वहां 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी.
30 सेंटीमीटर तक गिरा जल स्तर
गर्मी बढ़ने से भू-जल स्तर भी अछूता नहीं रहा है. पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार अखिलेश की माने तो एक महीने में भू-जल स्तर में 30 सेंटीमीटर तक गिरावट आयी है. उन्होंने बताया कि एक महीने पूर्व जहां जिले का औसत भू-जल स्तर 15 फिट 9 इंच था, वह अब 16 फिट 10 इंच पहुंच गया है.
गर्मी से होने वाली बीमारी
सदर अस्पताल के डॉ. जसमुद्दीन ने बताया कि इंसान के शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है. इससे सर दर्द, थकान, सुस्ती, भूख का कम होना बदन में ऐंठन, उल्टी होना, पेट में दर्द, जलन, दस्त होना, चक्कर आना साथ ही मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे हालात पैदा हो जाते हैं. इंसान का शरीर 37 डिग्री तक तापमान सहन करने में सक्षम होता है.
सदर अस्पताल के डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि धूप में निकलने से नाक सुख जाता है. उसके बाद नाक से ब्लीडिंग होने की संभावना होती है. ऐसे में कभी भी धूप में निकलने से पहले मास्क या नाक पर गीला कपड़ा बांध कर बाहर निकले. धूप से आकर अचानक ठंढा पानी न ले. इससे गले में फेरिनजाइटिस होने का खतरा रहता है.
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