सीवान : टेंट हाउस में मजदूर था असगर, तंत्र के जाल से बनाये करोड़ों, कारनामों को छिपाने को थामा था भाजपा का दामन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सीवान/तरवारा : 28 साल का तांत्रिक असगर मस्तान 2002-03 में गांव के ही एक टेंट हाउस में मजदूरी का काम करता था. तीन भाइयों में सबसे छोटा असगर की शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई. उसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की.
इसके बाद दो साल तक तरवारा बाजार के टेंट हाउस में काम करने लगा. इसके बाद उसने पश्चिम बंगाल की राह पकड़ ली और तंत्र विद्या सीखी. वहां से लौटने के बाद वह असगर तांत्रिक सैयद असगर मस्तान बाबा बन गया तथा झाड़-फूंक के साथ इलाज करने लगा. इसके बाद उसकी दुकानदारी चल पड़ी और धीरे-धीरे करोड़ों की संपत्ति बना ली. गांववालों का कहना है कि नेपाल से भी झाड़-फूंक कराने के लिए लोग आते थे.
असगर मस्तान के घर से मिले 67 लाख नकद
जीबी नगर थाने के रौजा गौर गांव में सोमवार की रात पुलिस ने छापेमारी कर जो रुपये बरामद किये थे, उसकी गिनती करने में दो दिन लग गये. इसके बाद पुलिस ने बताया कि उसके यहां से 66 लाख 57 हजार 965 रुपये के नोट तथा 40 हजार 465 रुपये के सिक्के मिले हैं. इसके अलावा 33 ग्राम सोने तथा 750 ग्राम चांदी के आभूषण मिले हैं. कुछ विदेशी करेंसी भी बरामद हुई है. उसमें ओमान का सौ का एक नोट, सऊदी अरब का एक रियाल तथा यूएई का पांच दिरहम का एक नोट मिला है. पुलिस व आयकर विभाग के अधिकारी उसकी आय की जांच कर रहे हैं.
असगर पार्टी से बाहर
पटना. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष असगर वारसी को पार्टी से निकाल दिया गया है. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तुफैल कादरी की तरफ से जारी विज्ञाप्ति के अनुसार उनके गलत कार्यों में संलिप्त रहने के कारण मोर्चा से निष्कासित किया जाता है.
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