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सीतामढ़ी के जेल अधीक्षक व सिविल सर्जन भी चढ़ चुके हैं निगरानी के हत्थे

Updated at : 15 Dec 2025 6:53 PM (IST)
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सीतामढ़ी के जेल अधीक्षक व सिविल सर्जन भी चढ़ चुके हैं निगरानी के हत्थे

जिले में रिश्वतखोरी के मामलों में अबतक करीब एक दर्जन सरकारी सेवक पकड़े जा चुके हैं, जिसमें पूर्व जेल अधीक्षक प्रेम कुमार भी शामिल हैं.

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सीतामढ़ी. जिले में रिश्वतखोरी के मामलों में अबतक करीब एक दर्जन सरकारी सेवक पकड़े जा चुके हैं, जिसमें पूर्व जेल अधीक्षक प्रेम कुमार भी शामिल हैं. निगरानी विभाग की टीम ने विभिन्न अधिकारियों और कर्मियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. भ्रष्टाचार के चलते कई सरकारी कर्मचारियों को निलंबन और नौकरी से बर्खास्तगी का सामना करना पड़ा है. 13 दिसंबर 25 को निगरानी विभाग की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते होमगार्ड जवान योगिंदर साह को पकड़ा. बाद में उसे अपने साथ पटना ले गये. रिश्वतखोरी मामले में कई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी निगरानी विभाग के हत्थे चढ़े हैं. जिसमें पूर्व जेल अधीक्षक प्रेम कुमार पहली बार पकड़े गए थे. एक संवेदक की शिकायत पर निगरानी की टीम ने सरकारी आवास से प्रेम कुमार को पकड़ा था. यह कार्रवाई सात नवंबर 2006 की है. जानकारी के अनुसार निगरानी टीम ने बथनाहा के पूर्व बीइओ रामाधार यादव को भी रिश्वत के साथ दबोचा गया था. वह प्रा वि, हरि के शिक्षक सुनील कुमार चौधरी से महज दो हजार रिश्वत लेते धराये थे. इस मामले में यादव जेल गये थे और उनके खिलाफ दो-दो बार निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई की गयी थी. मामला 10 जनवरी 2007 का है. खास बात यह कि कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के कारण बीइओ को लगातार आठ माह तक जेल में रहनी पड़ी थी.

–सरकारी आवास से गिरफ्तार हुए थे जिला योजना पदाधिकारी

इसी तरह जिला योजना पदाधिकारी रहे ओमप्रकाश को रिश्वत के साथ निगरानी ने पकड़ा था. सुबह में उन्हें सरकारी आवास से पकड़ा गया था. यह मामला काफी चर्चित हुआ था. बाद में निलंबित भी हुए थे. इसी तरह राष्ट्रीय बचत के पूर्व कार्यपालक अधिकारी प्रदीप कुमार को भी रिश्वत लेते पकड़ा गया था. इधर, बथनाहा अंचल के तत्कालीन लिपिक हुलास प्रसाद को रिश्वत लेना महंगा पड़ा था, रिश्वत के चलते उनकी नौकरी चली गयी थी. तात्कालीन डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह ने उन्हें अनिवार्य सेवानिवृति दे दी थी. 20 फरवरी 2001 को उनकी नौकरी लगी थी. इस तरह वे मात्र करीब 13 वर्ष ही नौकरी कर सके थे. शाहपुर शितलपट्टी के रंभू झा से दाखिल-खारिज करने के एवज में तात्कालीन सीओ द्वारा बतौर रिश्वत पांच हजार रुपये की मांग की गई थी. निगरानी की टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.

–दारोगा व मुखिया भी रिश्वत लेते पकड़े गये

निगरानी विभाग की टीम ड्रग इंस्पेक्टर को नकद दो लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार की थी. स्वास्थ्य विभाग से जुड़े ड्रग इंस्पेक्टर विनोद कुमार दूसरे अधिकारी थे, रिश्वत की रकम के साथ दबोचे गए थे. इनसे पहले सिविल सर्जन गिरफ्तार हुए थे. जिला वाणिज्य कर पदाधिकारी, बथनाहा बीईओ रामाश्रय यादव, बेला थानाध्यक्ष प्रेम शंकर सिंह, रुन्नीसैदपुर के कनीय अभियंता और बथनाहा प्रखंड के पंचायत सचिव अशोक कुमार रिश्वत लेते पकड़े गए थे. मानिक चौक के प्रधान शिक्षक, रुन्नीसैदपुर थाना के जमादार रामपुकार साफी, पुनौरा ओपी के जमादार त्रिभुवन प्रसाद सिंह और परिहार के जगदर के पूर्व मुखिया दिनेश भी निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं. ऐसे लोगों की लंबी फेहरिस्त है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VINAY PANDEY

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By VINAY PANDEY

VINAY PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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