जुलाई में गन्ने की खेती से किसानों को होगा तिहरा लाभ, रीगा चीनी मिल की नई पहल

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प्रतीकात्मक AI तस्वीर

रीगा चीनी मिल ने किसानों को जुलाई माह में गन्ने की रोपाई करने की नई तकनीक बताई है. अधिकारियों के अनुसार इससे किसानों को बीज उत्पादन, खूंटी गन्ना और दलहन-तिलहन खेती के माध्यम से तिहरा लाभ मिल सकता है.

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Sitamarhi News: रीगा चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से नई पहल शुरू की गई है. चीनी मिल के मुख्य गन्ना महाप्रबंधक बीके द्विवेदी ने किसानों को जुलाई माह में गन्ने की रोपाई करने की तकनीक और उसके लाभों की जानकारी दी है. यह मॉडल क्षेत्र के अधिकांश किसानों के लिए नया है, लेकिन इसकी संभावनाओं को देखते हुए कई किसानों ने इसे अपनाने की सहमति दे दी है.

अक्टूबर-नवंबर और फरवरी-मार्च को माना जाता है प्रमुख सीजन

सामान्य तौर पर गन्ना रोपाई के लिए अक्टूबर-नवंबर और फरवरी-मार्च का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. इन दोनों सीजन में लगाए गए गन्ने की फसल चीनी मिल के संचालन काल तक पूरी तरह तैयार हो जाती है, जिससे चीनी उत्पादन भी बेहतर होता है.

हालांकि, अब रीगा चीनी मिल किसानों को जुलाई में गन्ना लगाने की नई तकनीक से जोड़ रही है.

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जुलाई में लगाए गए गन्ने से तैयार होगा बीज

मुख्य गन्ना महाप्रबंधक बीके द्विवेदी ने बताया कि जुलाई में लगाए गए गन्ने को अगले वर्ष फरवरी-मार्च में बीज के रूप में उपयोग किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि चीनी मिल किसानों से इस गन्ने को बीज के रूप में खरीदकर अन्य किसानों के बीच वितरित करेगी. इससे किसानों को गन्ना बीज का बेहतर मूल्य मिलेगा और क्षेत्र में गन्ना उत्पादन का दायरा बढ़ेगा.

किसानों को मिलेगा दोहरा और तिहरा लाभ

बीके द्विवेदी के अनुसार बीज के लिए गन्ना बेचने के बाद खेत में बची खूंटी अगले सीजन के लिए बेहतर फसल तैयार करेगी. इससे किसानों को एक ही खेती से दोहरा लाभ मिलेगा.

इसके अलावा खूंटी गन्ने के साथ दलहन और तिलहन फसलों की खेती कर किसान अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त कर सकते हैं. इस प्रकार किसानों को तिहरा लाभ मिलने की संभावना है.

मिल की बढ़ी पेराई क्षमता के लिए चाहिए अधिक गन्ना

गन्ना प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रीगा चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर एक लाख क्विंटल प्रतिदिन की जा रही है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों के खेतों में उपलब्ध गन्ना उत्पादन मिल की पूर्ण क्षमता के अनुरूप नहीं है. ऐसे में अधिक से अधिक किसानों को गन्ना खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि मिल को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सके.

खेतों की तैयारी में जुटे किसान

चीनी मिल अधिकारियों के अनुसार कई किसान जुलाई रोपाई मॉडल से प्रभावित हुए हैं और उन्होंने इसकी स्वीकृति भी दे दी है. कुछ क्षेत्रों में खेतों की तैयारी का कार्य शुरू हो चुका है.

अधिकारियों का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में गन्ना उत्पादन और किसानों की आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

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