सीतामढ़ी:'सीता मंदिर बने, लेकिन विकास के नाम पर न छीनी जाए किसानों की जमीन

Author Rakesh kumar raj|Edited by Sumit Kumar
Updated:
विज्ञापन

सीतामढ़ी:'सीता मंदिर बने, लेकिन विकास के नाम पर न छीनी जाए किसानों की जमीन'

सीतापुरम सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट के खिलाफ भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है. किसानों ने लैंड पूलिंग के नाम पर जमीन अधिग्रहण रोकने की मांग की है.

विज्ञापन

Sitapuram satellite city project: सीतामढ़ी जिले में भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने सीतापुरम सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट को रद्द कराने की मांग तेज कर दी है. समिति ने जिले के सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से मौजूदा सत्र के दौरान अपने-अपने सदन में इस गंभीर मुद्दे को उठाने का आग्रह किया है. समिति के सदस्य डॉ. आनंद किशोर ने बुधवार को बताया कि उनका संगठन भव्य सीता मंदिर के निर्माण का पूरा समर्थन करता है, लेकिन 'सीतापुरम' के नाम पर किसानों और मजदूरों की तबाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

यह भी पढ़ें..वेब सीरीज वाली एक्ट्रेस और खटाल संचालक पति में ''द एंड'':थाने पहुंचा हाई-वोल्टेज पारिवारिक ड्रामा

जनप्रतिनिधियों से वार्ता, सदन में आवाज उठाने की मांग

इस प्रोजेक्ट के विरोध में समिति के पदाधिकारियों ने विधायक सुनील कुमार पिंटू, रामेश्वर महतो, प्रो. संजय कुमार सिंह और बंशीधर ब्रजवासी से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तृत वार्ता की है. भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने भी इस मुद्दे को सदन में उठवाने का पूरा आश्वासन दिया है. इसके अलावा सीपीएम विधायक से भी बात की गई है, ताकि इस जनविरोधी नीति के खिलाफ सदन में आवाज बुलंद की जा सके.

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा शहर, दूरदराज के गांवों में टाउनशिप क्यों?

समिति का कहना है कि नगर निगम बनने के बाद भी आज सीतामढ़ी शहर और उससे जुड़े गांव सड़क, नाला, सफाई, पानी और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. ऐसे बुनियादी संकट के बीच, शहर से 10 से 25 किलोमीटर दूर चयनित 98 गांवों में 'सीतापुरम' के नाम पर विकास का दावा करना पूरी तरह समझ से परे है.

यह भी पढ़ें.. ARMY बनकर लड़की को प्रेम जाल में फंसाया, हकीकत खुली तो निकला पंचर बनाने वाला

लैंड पूलिंग से उजड़ेंगे किसान, बरौनी-जमशेदपुर का दिया उदाहरण

आरोप है कि लैंड पूलिंग के तहत किसानों की उपजाऊ जमीन छीन ली जाएगी और प्राइम एरिया की कीमती भूमि का इस्तेमाल डेवलपर अपने व्यावसायिक फायदे के लिए करेंगे. समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि अगर टाउनशिप बनानी ही है तो पहले वहां उद्योग लगाए जाएं, जिसके बाद टाउनशिप अपने आप विकसित हो जाएगी. इसके लिए उन्होंने बरौनी और जमशेदपुर का उदाहरण भी दिया.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन