'PM किसान का पैसा मिल रहा है...' झांसे में आकर युवक ने गंवाए 70 हजार रुपये

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Bihar News: सीतामढ़ी के युवक से PM किसान योजना की किस्त दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई. झारखंड के ठग ने फर्जी लिंक भेजकर फोन पे से दो मिनट में रकम उड़ा ली. पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है.
Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी ज़िले में साइबर ठगों ने फिर एक बार ग्रामीण भोलेपन को अपना निशाना बना लिया. PM किसान योजना की राशि दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 70 हज़ार रुपये की ठगी कर ली गई. चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी ठगी सिर्फ दो मिनट में हो गई. घटना बाजपट्टी प्रखंड के यूसुफपुर गांव की है, जहां रहने वाले नितेश कुमार को एक फर्जी कॉल ने उसकी मेहनत की कमाई से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया.
प्रखंड कर्मचारी बनकर किया फोन, लिंक भेजकर की ठगी
पीड़ित नितेश कुमार को एक शख्स ने फोन किया और खुद को बाजपट्टी प्रखंड का कर्मचारी बताया. उसने कहा कि नितेश के पिता को पीएम किसान योजना की अगली किस्त नहीं मिली है और इसे पाने के लिए एक लिंक भेजा जा रहा है. जैसे ही नितेश ने लिंक खोला और फोन पे ऐप से “पैसा चेक” करने की कोशिश की, दो बार में उसके खाते से 69,863 रुपये गायब हो गए. पहली बार में 49,865 रुपये और दूसरी बार 19,998 रुपये की राशि ट्रांसफर कर ली गई.
झारखंड का साइबर अपराधी निकला मास्टरमाइंड, बैंक खाते की भी हुई पहचान
नितेश ने घटना की सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी और मधुबन स्थित SBI शाखा में भी शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद पता चला कि ठगी की गई रकम झारखंड के दुमका जिले के रंगे बांध गांव निवासी योगेश्वर मंडल के बैंक खाते में गई है. इस खाते की ब्रांच हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ थाना क्षेत्र की है.
बैंक खाते की पूरी जानकारी दी, पुलिस से मदद की गुहार
नितेश ने साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए फ्रॉड के बैंक खाता नंबर 43572141214 और उसकी पूरी जानकारी पुलिस को दी है. उसने अनुरोध किया है कि जितनी जल्दी हो सके, ठगी गई राशि की रिकवरी की जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
गांवों में फैल रहा साइबर जाल, सरकार की योजनाएं बनीं नए हथियार
यह मामला न सिर्फ एक साइबर ठगी है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि सरकारी योजनाएं अब साइबर ठगों का नया हथियार बन चुकी हैं. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने की ज़रूरत अब पहले से कहीं ज़्यादा है, क्योंकि लालच और जानकारी की कमी उन्हें बार-बार नुकसान पहुंचा रही है.
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PM किसान जैसी योजनाओं की आड़ में साइबर क्राइम अब सीधे गांवों तक पहुंच चुका है. ऐसे में जरूरी है कि लोग किसी भी कॉल, लिंक या अनजान व्यक्ति के कहे पर कोई डिजिटल ट्रांजैक्शन न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें.
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By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
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