समय पर इलाज शुरू होने से ठीक हो सकता है कैंसर

Updated at : 09 Mar 2025 10:58 PM (IST)
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समय पर इलाज शुरू होने से ठीक हो सकता है कैंसर

एएसआई के राज्य अध्यक्ष डॉ सीताराम सिंह ने कहा कि कैंसर लाइलाज़ बीमारी नहीं है.

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सीतामढ़ी. एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया सीतामढ़ी बिहार तत्वाधान में रविवार को डुमरा रोड स्थित आचार्य सुदर्शन आई हॉस्पीटल के परिसर में स्वास्थ्य/कैंसर जागरूकता एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, सीएस डॉ अखिलेश कुमार, एएसआई के राज्य अध्यक्ष डॉ सीताराम सिंह व जिला अध्यक्ष डॉ प्रवीण कुमार ने संयुक्त रूप से किया. अपने संबोधन में सांसद श्री ठाकुर ने कहा कि सबसे उत्तम पेशा चिकित्सक का होता है. भगवान के बाद सबसे ज्यादा भरोसा लोग चिकित्सक पर करते हैं. कहा कि कैंसर के बीमारी से आज हर गांव व शहर के लोग परेशान हैं. कैंसर का इलाज मंहगा होने के कारण अधिकांश परिवार इलाज में या तो समक्ष नहीं होते हैं या उनका जमा सारा पूंजी समाप्त हो जाता है. एएसआई के राज्य अध्यक्ष डॉ सीताराम सिंह ने कहा कि कैंसर लाइलाज़ बीमारी नहीं है. समय पर कैंसर होने की जानकारी मिलने पर इसका कम खर्चे में इलाज किया जा सकता है. सचिव सह आइजी एमएस के डॉ मनीष मंडल ने कहा कि हमारी संस्था बिहार के हर जिले में जाकर कैंसर को रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलायेगी. जिला अध्यक्ष डॉ प्रवीण कुमार ने बताया कि कैंसर का इंफेक्शन होने के करीब 10-15 वर्ष के बाद कैंसर होती है. लेकिन लोगों में जागरूकता के कमी के कारण समय रहते कैंसर होने की जानकारी नहीं मिल पाती है. जबतक कैंसर विकराल रूप में नहीं पहुंच जाए.

वहीं फौगसी के अध्यक्ष डा अंजू सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में ब्रेस्ट कैंसर के करीब 2 लाख से अधिक मामले चिन्हित की गयी है, जिसमें से 98 हजार की मौत हो गयी. वही सर्वाइकल कैंसर के 1.27 लाख मामले आये, जिसमें से 80 हजार की मौत हो गयी. बतायी कि महिलाओं में मुख्य रूप से कम उम्र में शादी, खान पान में लापरवाही व जागरुकता की कमी के कारण कैंसर होने की समस्या अधिक होती है. बिहार सरकार के द्वारा हर सरकारी स्कूल में 9-14 वर्ष की लड़की को निःशुल्क कैंसर का टीका दिया जा रहा है. जो सराहनीय कार्य है. बतायी कि पहले कैंसर का टीका महंगा होने के कारण आम लोग इसे नहीं खरीद पाते थे. 70 प्रतिशत 35-45 वर्ष की महिलाओं को स्क्रीन टेस्ट अनिवार्य रूप से कराने की जरूरत है. साथ ही महिलाओं को खुद सतर्क रहकर अपने शरीर के किसी भाग पर गांठ होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें. कार्यक्रम में डॉ मेजर बीएन झा, डा आर के यादव, डा पी पी लोहिया, डा प्रतिमा आनंद, डा मुकेश कुमार व डा लता गुप्ता सहित शहर के कई चिकित्सक मौजूद रहे.

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