Bathnaha School Crisis: बिना फिजिक्स-केमिस्ट्री टीचर के पढ़ रहे बथनाहा के 800 छात्र,18 साल से प्रभारी के भरोसे स्कूल

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बथनाहा उच्च विधालय

बथनाहा उच्च विधालय

बथनाहा का मुख्य उच्च माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों की भारी कमी और बदहाल भवनों से जूझ रहा है. 1200 से अधिक छात्रों के लिए केवल 16 शिक्षक हैं, जिससे विज्ञान और कला संकाय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

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Bathnaha School Crisis:  जिले के बथनाहा प्रखंड का मुख्य उच्च माध्यमिक विद्यालय वर्षों से बदहाली के आंसू रो रहा है.करीब 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं वाले इस बड़े संस्थान में शिक्षकों की भारी कमी है.विज्ञान व कला संकाय में कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं.वहीं विद्यालय का स्थापना काल का पुराना भवन खंडहर में तब्दील होकर हादसों को दावत दे रहा है.प्रभात खबर की पड़ताल में सामने आया कि स्कूल पिछले 18 वर्षों से नियमित प्रधानाध्यापक के बिना केवल प्रभारी के भरोसे चल रहा है.वर्तमान में इसका संचालन प्रभारी प्रधानाध्यापक मो तुफैल अहमद के जिम्मे है.प्रभारी प्रधानाध्यापक व प्रधान सहायक प्रमोद कुमार से मिली जानकारी के अनुसार,माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर को मिलाकर यहां सिर्फ 16 शिक्षक कार्यरत हैं.

भगवान भरोसे विज्ञान व कला संकाय की पढ़ाई

 प्लस टू के विज्ञान संकाय में 11वीं और 12वीं वर्ग को मिलाकर 800 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं.इसके बावजूद फिजिक्स,केमिस्ट्री और मैथ जैसे बेहद महत्वपूर्ण और मुख्य विषयों के शिक्षक गायब हैं.केवल जूलॉजी के एक शिक्षक के भरोसे पूरा विज्ञान संकाय चल रहा है.यही हाल कला संकाय का भी है,जहां इतिहास,अर्थशास्त्र और संगीत जैसे विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं.माध्यमिक विभाग में भी अंग्रेजी समेत कई विषयों के शिक्षकों का टोटा है.इससे बच्चों की पढ़ाई व परीक्षा की तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

खंडहर भवन और अधूरी चहारदीवारी से सुरक्षा पर संकट 

विद्यालय परिसर के पश्चिमी हिस्से में स्थित स्थापना काल के पुराने कमरे पूरी तरह खंडहर बन चुके हैं.यह जर्जर भवन कभी भी गिर सकता है,जिससे पास की मुख्य सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को हमेशा हादसे का डर सताता रहता है.इन खंडहरों के कारण खेल का मैदान भी सिकुड़ गया है.इसके अलावा स्कूल की लगभग 60 से 70 प्रतिशत चहारदीवारी अधूरी पड़ी है.परिसर खुला होने और इन खंडहरों में सांप-बिच्छुओं का बसेरा होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा दांव पर लगी है.चार भवन होने के बावजूद आधुनिक लाइब्रेरी और प्रयोगशालाओं की सुविधाओं का घोर अभाव है.

क्या कहते हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक 

प्रभारी प्रधानाध्यापक मो तुफैल अहमद ने बताया कि जर्जर भवनों को ध्वस्त कर हटाने के लिए विभाग को पत्र भेजा जा चुका है.इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व स्थानीय विधायक को भी पूरी तरह अवगत कराया गया है.उम्मीद है कि प्रखंड का मुख्य विद्यालय होने के कारण जल्द ही शिक्षकों की कमी दूर होगी और आधुनिक संसाधनों का विस्तार होगा.


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सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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