बादलों की आवाजाही व आंशिक बारिश से सुहाना बना हुआ है मौसम, अगले तीन-चार दिन बारिश के आसार

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बथनाहा प्रखंड के पंथपाकड़ गांव में धान की रोपनी में जुटे किसान. | Prabhat Khabar Network

सीतामढ़ी में मानसून सक्रिय होने से मौसम सुहाना बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।

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-- आज 70 फीसदी बारिश की संभावना, किसानों को धान रोपनी में मिलेगी राहत -- दो दिन बाद बढ़ सकती है बारिश की मात्रा सीतामढ़ी. जिले में मानसून की सक्रियता के बीच मंगलवार को दिनभर आसमान में बादलों का जमघट लगा रहा. बीच-बीच में हुई हल्की बारिश व ठंडी हवा से मौसम सुहाना बना रहा. हालांकि दोपहर के समय करीब दो घंटे तक मौसम खुला रहा, लेकिन इसके बाद फिर से बादल छा गये. जिले के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा. मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को तापमान में मामूली वृद्धि की संभावना है. बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. -- अगले तीन-चार दिन बना रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार व बुधवार को जिले में बारिश की संभावना करीब 70 फीसदी है. दोनों दिनों में करीब 10-10 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान जताया गया है. मंगलवार को दोपहर करीब 1200 बजे के बाद और रात आठ बजे के आसपास बारिश होने की संभावना है. देर रात और बुधवार की सुबह भी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने संभावना जतायी है कि बुधवार को करीब तीन घंटे तक मौसम खुल सकता है और धूप निकल सकती है. इसके बाद बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है. अगले तीन-चार दिनों तक जिले में बादल छाये रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. -- धान रोपनी के लिए अनुकूल हो रहा मौसम : डॉ राम इश्वर प्रसाद जिला कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ राम इश्वर प्रसाद ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान मौसम खरीफ फसलों के लिए काफी अनुकूल है. बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ रही है, जिससे धान की खेती करने वाले किसानों को फायदा मिलेगा. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मौसम को देखते हुए धान की रोपनी और खेतों की तैयारी का कार्य तेजी से पूरा करें. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, जिससे पौधों के विकास में सहायता मिलेगी. हालांकि किसान जलजमाव वाले खेतों में निकासी की व्यवस्था जरूर रखें, ताकि फसलों को नुकसान नहीं पहुंचे. मौसम की वर्तमान स्थिति कृषि कार्यों के लिए राहत देने वाली है.

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