आजाद हिंद फौज का संस्थापक यूपी से गिरफ्तार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Mar 2017 5:52 AM (IST)
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सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में माओवादियों पर सीधा प्रहार करनेवाले प्रतिबंधित आजाद हिंद फौज के संस्थापक व 50 हजार का इनामी नीतेश सिंह उर्फ नेता जी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. बिहार पुलिस की विशेष टीम ने यूपी एटीएस के सहयोग से लखनऊ के ताल कटोरा थाने के राजाजीपुरम क्षेत्र से बुधवार की शाम छापेमारी […]
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सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में माओवादियों पर सीधा प्रहार करनेवाले प्रतिबंधित आजाद हिंद फौज के संस्थापक व 50 हजार का इनामी नीतेश सिंह उर्फ नेता जी पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
बिहार पुलिस की विशेष टीम ने यूपी एटीएस के सहयोग से लखनऊ के ताल कटोरा थाने के राजाजीपुरम क्षेत्र से बुधवार की शाम छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया है. सीतामढ़ी, शिवहर व चंपारण के इलाके में माओवादी एरिया कमांडर नेक मोहम्मद समेत दर्जनों हत्याकांडों को अंजाम देने का आरोप नीतेश पर है. बताया गया है कि एक माह पूर्व उसने वैशाली जिले के फतेहपुर निवासी युवती से शादी की थी. वर्तमान में वह अपनी पहचान छिपा कर सीएमएस स्कूल के पास किराये के मकान में पत्नी के साथ रह रहा था.
नीतेश सिंह पर सीतामढ़ी, शिवहर व पूर्वी चंपारण जिले में हत्या के दर्जनों मामले दर्ज हैं. लंबे समय से नीतेश को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बिहार व नेपाल के विभिन्न हिस्सों की खाक छान रही थी. उसकी तलाश नक्सली भी कर रहे थे. वह माओवािदयों की हिट लिस्ट में पहले नंबर पर था. 2013 में सीतामढ़ी पुलिस के हत्थे चढ़े हार्डकोर नक्सली भुट्टा पटेल ने पुलिस के सामने यह खुलासा किया था. वजह आजाद हिंद फौज की स्थापना के बाद नक्सली उसे अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानने लगे थे.
माओवािदयों ने बदला लेने को बनायी फौज, 50 हजार का था इनाम
दिनदहाड़े की थी माओवादी एरिया कमांडर नेक मुहम्मद व सुनील गुप्ता की हत्या
घटनास्थल पर छोड़े गये परचे में किया था नक्सलियों के खिलाफ जंग का एलान
नीतेश पर हुए थे कई बार हमले
मूल रूप से नीतेश सिंह शिवहर जिले के तरियानी थाने के तरियानी छपरा का निवासी है. 90 के दशक में सीतामढ़ी-शिवहर का इलाका नक्सलियों का गढ़ बन गया था. उस दौरान कुछ सामंतवादी विचारधारा के लोगों को निशाना बनाया जाने लगा. 2000 आते-आते नक्सलियों के नाम से इलाका थर्राने लगा था. इधर, नक्सलियों ने नीतेश सिंह के घर पर कई बार हमले किये. प्रतिशोध की भावना से नीतेश सिंह ने सबसे पहले तरियानी छपरा चौक पर नक्सलियों को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए एक दलित शिक्षक की हत्या कर नक्सलियों के खिलाफ जंग का एलान किया. इसके बाद नक्सलियों व नीतेश सिंह के बीच चूहा-बिल्ली का खेल शुरू हो गया. नक्सलियों की एक हत्या का जवाब नीतेश दोहरे हत्याकांड से देने लगा.
चर्चा यह भी रही है कि नक्सली व आजाद हिंद फौज की लड़ाई में कई बेगुनाह लोग भी मौत के शिकार हुए हैं.
पकड़ीदयाल अनुमंडल में शातिर नीतेश पर दर्ज हैं 19 मामले : उत्तर बिहार का शातिर नीतेश सिंह लखनऊ में पकड़ा गया. उस पर सर्वाधिक पूर्वी चंपारण में हत्या, लूट व रंगदारी का मामला दर्ज है. सिर्फ पकड़ीदयाल अनुमंडल के पांच थानों में 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं. मोतिहारी पुलिस ने नितेश पर पांच लाख के इनाम का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है. हालांकि उस पर पहले से 50 हजार का इनाम घोषित था.
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