बिना टांका 13 घंटे तड़पती रही प्रसूता
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Sep 2016 6:08 AM (IST)
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सीतामढ़ी : सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग कई उपाय कर रहा है. बावजूद कुछ स्वास्थ्य कर्मियों के चलते मरीजों के परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला शनिवार को डुमरा पीएचसी में देखने को मिला, जहां कुछ पैसों की खातिर एनएमन ने प्रसव पीड़िता […]
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सीतामढ़ी : सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग कई उपाय कर रहा है. बावजूद कुछ स्वास्थ्य कर्मियों के चलते मरीजों के परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला शनिवार को डुमरा पीएचसी में देखने को मिला, जहां कुछ पैसों की खातिर एनएमन ने प्रसव पीड़िता को बिना टांका लगाये ही छोड़ कर चली गयी. इस दौरान 13 घंटे तक महिला ब्लीडिंग से बेहाल रही. बाद में दूसरी एएनएम ने 140 रुपये लेने के बाद टांका लगाया.
जानकारी के अनुसार, रून्नीसैदपुर प्रखंड के हरिकिशोर राउत की पत्नी सुनीता देवी को शुक्रवार की शाम सात बजे प्रसव के लिए डुमरा पीएचसी में भरती कराया गया. पीड़िता के पिता परमेश्वर राउत ने बताया कि करीब साढ़े सात बजे प्रसव हुआ. इसके बाद एएनएम लीला देवी ने टांका लगाने के लिए दो सौ रुपये की मांग की. गरीबी का हवाला देकर जब सौ रुपये देकर टांका लगाने को कहा गया, तो रुपये फेंक कर चली गयी.
इधर, पीड़िता को रात भर ब्लीडिंग होती रही. इससे परेशान परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद दूसरी एएनएम से कई बार शिकायत की, लेकिन वह देखने तक नहीं आयी. करीब 13 घंटे बाद शनिवार की सुबह दूसरी एएनएम को पीड़िता का हाल बताया गया. उसने टांका लगाने के लिए दो सौ रुपये की मांग की. परिजनों ने दो सौ रुपये नहीं होने का बात कह 140 रुपये देकर टांका लगवाया. परिजनों ने इसकी शिकायत पीएचसी प्रभारी से भी की है.
छोटे काम के लिए भी मांगते हैं पैसा. पीड़िता के पिता ने बताया कि प्रसव के दौरान अस्पताल से एक भी दवा उपलब्ध नहीं करायी गयी. निजी अस्पताल की तरह सभी दवाएं खरीदनी पड़ीं. उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात प्रसव से पूर्व चार सौ रुपये की दवाएं व शनिवार को टांका लगाने के
बिना टांका 13 घंटे
लिए एक हजार की दवा बाजार से खरीद कर लाये हैं. हमलोग मजदूरी करने वाले लोग हैं. सरकारी अस्पताल में पैसे के अभाव में आते हैं. लेकिन, यहां तो साधारण काम यानी टांका लगाने के लिए भी पैसे की मांग की जाती है.
सीतामढ़ी के डुमरा पीएचसी का मामला
एएनएम मांग रही थी दो सौ रुपये
सौ रुपये देने पर फेंक कर चली गयी
परिजनों व आशा की भी एएनएम
ने नहीं सुनी
13 घंटे बहता रहा ब्लड
दूसरी एएनएम ने 140 रुपये लेकर लगाया टांका
डुमरा पीएचसी में भरती सुनीता देवी.
कुछ एएनएम ज्यादती करती हैं. मामला गंभीर है, जांच की जायेगी. ऐसी बात होगी तो उस एएनएम को यहां से हटाकर दूसरी जगह भेजा जायेगा. एएनएम को फटकार भी लगाएंगे.
डॉ कामेश्वर प्रसाद, प्रभारी पीएचसी डुमरा
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