Sheikhpura News : सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व्यवस्था चरमराई: एक डॉक्टर के भरोसे दो अस्पतालों का जिम्मा; परेशानी

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 21 May 2026 10:05 AM

विज्ञापन

सदर अस्पताल का अल्ट्रासउंड कक्ष

अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. इस बदहाली का सीधा और बुरा असर ओपीडी (OPD) से लेकर संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं और गरीब मरीजों पर पड़ रहा है.

विज्ञापन

Sheikhpura News : (रंजीत कुमार) जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल शेखपुरा में इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर पर नजर आ रही हैं. खासकर अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. इस बदहाली का सीधा और बुरा असर ओपीडी (OPD) से लेकर संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं और गरीब मरीजों पर पड़ रहा है. अस्पताल प्रशासन द्वारा इस समस्या का कोई वैकल्पिक ठोस रास्ता नहीं निकाले जाने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में मोटी रकम चुकाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है.

जिले में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट, रोस्टर के खेल में उलझे मरीज

अल्ट्रासाउंड व्यवस्था बेपटरी होने की मुख्य वजह जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है. सदर अस्पताल के प्रबंधक धीरज कुमार ने बताया कि पूरे शेखपुरा जिले में वर्तमान समय में महज एक ही रेडियोलॉजिस्ट (चिकित्सक) पदस्थापित हैं. इसी इकलौते डॉक्टर के भरोसे पूरे जिले की सरकारी अल्ट्रासाउंड व्यवस्था टिकी हुई है. अस्पताल प्रबंधक के अनुसार, व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सप्ताह के दिन निर्धारित किए गए हैं: सदर अस्पताल शेखपुरा में सोमवार और शुक्रवार और रेफरल अस्पताल बरबीघा में बुधवार को लगी है ड्यूटी.

मरीजों की संख्या आधी से भी कम, छुट्टी पर जाने से संकट

प्रबंधक धीरज कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में जब व्यवस्था ठीक रहती थी, तो प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों का अल्ट्रासाउंड आसानी से किया जाता था. लेकिन रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के अभाव और सीमित दिनों के रोस्टर के कारण अब जांच की संख्या घटकर आधे से भी कम हो गई है. यदि डॉक्टर कभी आकस्मिक छुट्टी या बीमार होने के कारण अवकाश पर चले जाते हैं, तो शेखपुरा और बरबीघा दोनों ही मुख्य सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह ठप हो जाती है. ऐसे में दूर-दराज के गांवों से आए गरीब मरीजों को बैरंग लौटना पड़ता है या फिर कर्ज लेकर निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जिले में जल्द से जल्द अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की बहाली की जाए.

Also Read:शेखपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टार्टअप संगोष्ठी का आयोजन, उद्यमिता और कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन