शेखपुरा: कोर्ट ने अस्पताल अधीक्षक को किया तलब, कहा–न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं

सदर अस्पताल का सांकेतिक फोटो.
Sheikhpura News : विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अस्पताल अधीक्षक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो न्यायालय उनके विरुद्ध अदालत की अवमानना की कार्रवाई भी शुरू कर सकता है.
Sheikhpura News : सदर अस्पताल के अधीक्षक को जेल में बंद एक कैदी की जमानत की सिफारिश करना महंगा पड़ गया. उपाद (शराबबंदी) मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ने इसे न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप मानते हुए अस्पताल अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है.
27 जून को 60 पाउच के साथ गिरफ्तार हुआ था आरोपी
विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने बताया कि अरियरी थाना क्षेत्र के जोधनबीघा गांव निवासी अरविंद चौहान को 27 जून को 250 मिलीलीटर शराब के 60 पाउच के साथ गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उसने अपनी दोनों किडनी खराब होने और लीवर संबंधी बीमारी की जानकारी जेल प्रशासन को दी. इसके बाद इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल भेजा गया.
अधीक्षक ने जमानत देने का अनुरोध किया
इलाज के दौरान सदर अस्पताल के अधीक्षक ने बिना किसी सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय के निर्देश के कैदी की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय को भेज दी. रिपोर्ट में मेडिकल स्थिति बताने के साथ-साथ कैदी को जमानत देने का भी अनुरोध किया गया.
नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा
मामले की सुनवाई कर रहे उपाद मामलों के विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार झा ने इस पर कड़ा एतराज जताया. उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन माना.अदालत ने अस्पताल अधीक्षक को नोटिस जारी कर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि यदि अस्पताल अधीक्षक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो न्यायालय उनके विरुद्ध अदालत की अवमानना की कार्रवाई भी शुरू कर सकता है.
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