आधे से भी कम अग्निशामकों से चल रहा काम
Updated at : 30 Mar 2017 12:53 AM (IST)
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पुलिस बलों के सहारे जिले में अग्निकांडों पर पाया जा रहा काबू शेखपुरा : यूं तो आपदा का कोई वक्त निर्धारित नहीं, लेकिन गरमी के दस्तक से आगलगी की घटनाएं बड़े पैमाने पर घटने से इनकार नहीं किया जा सकता. दरअसल जिले में अग्निशमन की व्यवस्था पहले की तुलना में कई दृष्टिकोण से बेहतर हुए […]
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पुलिस बलों के सहारे जिले में अग्निकांडों पर पाया जा रहा काबू
शेखपुरा : यूं तो आपदा का कोई वक्त निर्धारित नहीं, लेकिन गरमी के दस्तक से आगलगी की घटनाएं बड़े पैमाने पर घटने से इनकार नहीं किया जा सकता. दरअसल जिले में अग्निशमन की व्यवस्था पहले की तुलना में कई दृष्टिकोण से बेहतर हुए हैं, लेकिन आज भी लोगों की जानमाल की सुरक्षा करने वाले इस विभाग में तैनात आधे से भी कम कर्मी पूरी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं. जिले के अग्नि संबंध में संसाधनों का घोर अभाव के कारण स्थिति काफी दयनीय है.
यहां छोटे-बड़े सभी सात अग्निशामक वाहन है, लेकिन इन वाहनों को संचालित करने के लिए विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त एक ही चालक है. इतना ही नहीं अग्निशमन के साथ नियमित और व्यवस्थित संचालन के लिए जिले में 12 सुरक्षा बलों की तैनाती होनी चाहिए, जबकि कम से कम तीन चालक की तैनाती जरूरी है,
लेकिन यहां फिलहाल चार सुरक्षा बल, एक मान्यता प्राप्त चालक और एक प्रधान अग्निक के बदौलत विभाग एक कामकाज को निबटाया जा रहा है. अग्निशमन पदाधिकारी बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि संसाधनों के अभाव को लेकर विभाग को कई बार पत्राचार किया गया है. चालक के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि
अिग्नशमन की व्यवस्था में चार मिस टेक्नोलॉजी के नाम से जाने जाने वाले छोटा अग्निशामक वाहन है जो बरबीघा, कोरमा एवं अरियरी थाना के अलावा एक वाहन मुख्यालय से संचालित होता है, लेकिन इन दिनों होमगार्ड जवानों की हड़ताल के कारण कुछ वाहनों को वापस भेज दिया गया है. वहीं वाटर टेंडर अग्निशामक तीन भान है. जिससे भीषण अग्निकांडों पर काबू पाया जा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि जिले में अग्निकांड पर काबू पाने के लिए आये दिन पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. इसके लिए कृषकों के निजी नलकूप का सहारा लिया जाता है.
अग्नि की घटना के क्या हैं आंकड़े
जिले में अग्निकांड के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो यहां वर्ष 2016 में अगलगी की 141 घटनाएं घटी. घटनाओं में एक करोड़ 83 लाख 64 हजार रुप्ये का अनुमानित नुकसान हुआ जबकि अग्निशामक दस्ता ने दो करोड़ 88 हजार रुपये की संपत्ति को अपनी तत्परता से बचाया. इस घटना में जिले भर के 24 मवेशी मारे गये जबकि पांच जानवर और एक आदसी झुलस कर जख्मी हो गये.
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