हरी चादर योजना में 40 लाख रुपये का गबन

Updated at : 06 Jun 2016 8:25 AM (IST)
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हरी चादर योजना में 40 लाख रुपये का गबन

खुले बाजार में बेच दी गयी कृषकों की अनुदानित मूंग शेखपुरा : कृषि रोड मैप योजना के तहत जिले की हरी चादर योजना में लगभग 40 लाख रुपये का गोलमाल करने का मामला सामने आया है. मामले में योजना के लिए फर्जी दस्तावेज बना लाभुकों की सूची तैयार कर जहां योजना का अनुदानित मूंग और […]

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खुले बाजार में बेच दी गयी कृषकों की अनुदानित मूंग
शेखपुरा : कृषि रोड मैप योजना के तहत जिले की हरी चादर योजना में लगभग 40 लाख रुपये का गोलमाल करने का मामला सामने आया है. मामले में योजना के लिए फर्जी दस्तावेज बना लाभुकों की सूची तैयार कर जहां योजना का अनुदानित मूंग और ढैंचा खुले बाजार में बेच दिया गया वहीं इस खेल में कृषकों के अनुदान की राशि की बंदरबांट कर ली गयी. योजना में गड़बड़ी का साक्ष्य जुटा रहे समाजसेवी सुभाष कुमार भोली ने इसकी उच्चस्तरीय जांच के लिए संबंधित दस्तावेज अधिकारियों को सौंपने की बात कही है.
समाजसेवी ने कहा कि हरी चादर योजना के तहत जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए बिहार राज्य बीज निगम ने 500 क्विंटल ढैंचा और 300 क्विंटल मूंग आवंटित किया था. इस योजना में ढैंचा प्रति किलोग्राम 37.5 रुपये उपलब्ध कराया गया, जिसे 90 प्रतिशत अनुदान यानी 3.75 /रुपये प्रतिकिलो की दर से कृषकों को मुहैया कराया था. समाजसेवी ने कहा कि जिले में ढैंचा लेने में कृषक दिलचस्पी नहीं दिखाते.
इसके बावजूद यहां शिविरों में कागजी खेल कर अनुदान की राशि की बंदरबांट की गयी. इसी प्रकार जिले भर के कृषकों के लिए प्रति किलोग्राम 120 रुपये की दर से मूंग आवंटित कराया गया, जिसे 80 प्रतिशत अनुदान के साथ प्रतिकिलो 24 रुपये की दर से कृषकों को उपलब्ध कराना था. मूंग के लिए किसान दर-दर की ठोकरें खाते रहे ओर खुले बाजार में मूंग बेच कर अनुदान राशि की बंदरबांट कर ली गयी.
समाजसेवी ने कहा कि इस योजना में पहले लाभुकों के नाम की अर्जी ऑनलाइन करायी गयी. इसके बाद निचले स्तर के अधिकारियों ने अपने दो स्थानीय डीलरों के साथ मिल कर योजना में लगभग 40 लाख रुपये की बंदरबांट कर ली. समाजसेवी ने कहा कि योजना में वित्तीय अनियमितता से जुड़े कई दस्तावेज सामने आये हैं.
इस मामले में अगर वास्तविक लाभुकों की जांच कर कार्रवाई नहीं हुई तब इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर साक्ष्यों की जांच करायी जायेगी. इधर, इस बड़ी गड़बड़ी को लेकर शेखपुरा के प्रभारी व जमुई के जिला कृषि पदाधिकारी संजीत कुमार ने कहा कि प्रखंडों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर योजना में भुगतान की कार्रवाई बढ़ायी गयी, लेकिन लाभुकों की सूची का सत्यापन कर मामले की जांच करायी जायेगी.
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