रजिस्ट्रेशन नहीं रहने से मजदूरों को सरकारी योजना का नहीं मिलता लाभ
शेखपुरा : जिले में निर्माण कंपनियां मजदूरों के निबंधन में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. जागरूकता के अभाव में मजदूर इससे महरूम हैं, जिसके कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से वंचित रह जाते हैं. दरअसल, निर्माण स्थलों पर आये दिन हादसों के बाद भी मजदूर प्रक्रिया के महत्व को नहीं समझ रहे हैं और न ही निर्माण कंपनी इस दिशा में पहल कर रही है. अब तक मात्र 25 मजदूरों ने ही निबंधन के लिए आवेदन दिया है. ऐसी परिस्थिति में जान जोखिम में डालकर मजदूर जहां काम करते हैं.
श्रम विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार, निबंधित मजदूर के लिए दुर्घटना में मौत पर चार लाख, सामान्य मृत्यु पर एक लाख, आंशिक विकलांगता पर 50 हजार मुआवजे का प्रावधान है. साथ ही महिला श्रमिकों के लिए बेहतर योजना है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दो बच्चों के प्रसव पर 10-10 हजार की राशि दी जाती है़ दो बेटियों के विवाह के लिए 50-50 हजार रुपये सहायता राशि सरकार की आेर से प्रदान की जाती है़ मजदूरों को भवन की मरम्मत के लिए 20 हजार, साइकिल के लिए चार हजार, औजार के लिए 15 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है़
क्या हैं नियम
निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों को फर्स्ट एड की सुविधा मुहैया करानी है़ साथ ही शौचालय, परिचय पत्र, हेलमेट, जूता, ड्रेस कोड भी अनिवार्य है. मजदूरों के निबंधन का प्रावधान काफी सरल है. विभागीय अधिकारियों को मानें तो मजदूर स्वयं आवेदन कर अपना निबंधन करा सकते हैं. इसके लिए 30 रुपये का निबंधन शुल्क प्रक्रिया के साथ दो फोटो, आधार कार्ड का फोटो कॉपी के साथ आवेदन जमा करना है़
जिले में निर्माण स्थलों पर कामगार मजदूरों के लिए सुरक्षा के उचित प्रबंध होना अनिवार्य है.
मजदूरों के निबंधन एवं सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर विभागीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. फिलहाल जिले में मजदूरों के निबंधन के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं.
पृथ्वीनाथ पांडेय, श्रम अधीक्षक, शेखपुरा
