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कई माह से बंद है बीपीएल स्मार्ट कार्ड योजना, गरीब बेहाल

Updated at : 09 Jul 2017 6:30 AM (IST)
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कई माह से बंद है बीपीएल स्मार्ट कार्ड योजना, गरीब बेहाल

अप्रैल, 2017 से स्मार्ट कार्ड योजना बंद बिहारशरीफ : बीपीएल परिवारों के चलायी जाने वाली स्मार्ट कार्ड योजना कई माह से बंद है. इसके कारण गरीब परिवार के सदस्य इसके लाभ से कई माह से लोग वंचित है. कई माह से योजना बंद रहने से बीपीएल परिवार के बीमार सदस्य ऑपरेशन और इलाज के लिए […]

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अप्रैल, 2017 से स्मार्ट कार्ड योजना बंद

बिहारशरीफ : बीपीएल परिवारों के चलायी जाने वाली स्मार्ट कार्ड योजना कई माह से बंद है. इसके कारण गरीब परिवार के सदस्य इसके लाभ से कई माह से लोग वंचित है. कई माह से योजना बंद रहने से बीपीएल परिवार के बीमार सदस्य ऑपरेशन और इलाज के लिए भटक रहे हैं. खासकर पैसे के अभाव में आॅपरेशन नहीं होने से गरीबों का मर्ज बढ़ता जा रहा है. गरीब जहां इलाज से वंचित हैं, वहीं इलाज करने के लिये बीमा कंपनी से अटैच चिकित्सकों को राशि का भुगतान बीमा कंपनी के द्वारा नहीं हो रहा है.
अप्रैल 2017 से स्मार्ट कार्ड योजना बंद है. योजना के पुन: चालू की कोई सूचना लोगों को नहीं मिलने से भारी मायूसी है. चालू होने की अधिसूचना होने के का भी लंबी प्रक्रिया के कई माह लग जाता है. इतना ही नहीं पिछले दो साल से बीपीएल परिवार के नये सदस्यों का स्मार्ट कार्ड नहीं बनाया जा सका है. 2015 में योजना के चालू होने के समय ही एक लाख 85 हजार बीपीएल परिवार का स्मार्ट कार्ड बनाया गया था. जबकि जिले में तीन लाख से ऊपर बीपीएल परिवार है. अब जबकि योजना बंद है लोग कार्यालयों का चक्कर लगाने को विवश हैं.
क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना : गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वालों का प्राइवेट क्लिनिकों में बेहतर इलाज हो इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना चलायी गयी है. इसके तहत बीपीएल परिवार के सदस्यों का स्मार्ट कार्ड बनाया जाता है. इस कार्ड पर संबंधित प्राइवेट क्लिनिकों में एक ही परिवार के सदस्यों का एक साल तक फ्री में इलाज सीमित बीमित राशि के तहत की जाती ह़ै एक साल तक 30 हजार की राशि तक एक कार्ड पर इलाज किये जाने का प्रावधान है.
चिकित्सकों को राशि का नहीं हो रहा भुगतान
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत काम करने वाले निजी क्लिनिकों की राशि की भुगतान बीमा कंपनी के द्वारा नहीं जा रही है. इसके कारण कार्य करने वाले क्लिनिकों में भारी नाराजगी है.
स्वास्थ्य बीमा कंपनी के तहत पिछले दो टर्म से एक ही बीमा कंपनी के द्वारा इसके लिये अधिकृत किया गया है. कई चिकित्सकों ने बताया कि शुरू में ही कुछ राशि दी गयी थी. जबकि गरीबों के इलाज में कोई कोताही चिकित्सकों के द्वारा नहीं की गयी थी. कई चिकित्सकों ने कहा कि राशि की भुगतान नहीं होने की स्थिति में बाध्य होकर कानूनी मार्ग अपनाने के लिये बीमा कंपनी बाध्य कर रही है.
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