शिवहर: भुगतान के अभाव में दम तोड़ रही नल-जल योजना, शिवहर के 370 वार्डों में पानी का गंभीर संकट

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Sheohar News: जिले के 370 वार्डों में फंड की कमी के कारण नल-जल योजना ठप हो गई है. 3 करोड़ के बकाया मेंटेनेंस बिल के बदले सिर्फ 25 लाख का भुगतान हुआ है, जिससे जनता पानी के लिए परेशान है. पढ़ें पूरी खबर…

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Sheohar News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय नल-जल योजना’ विभागीय उदासीनता और फंड की कमी के कारण दम तोड़ रही है. शिवहर जिले के पिपराही, पुरनहिया और शिवहर प्रखंड के कुल 370 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है. इसके चलते भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है.

3 करोड़ के बकाया बिल के बदले मिले मात्र 25 लाख रुपये

योजना के रख-रखाव का जिम्मा संभाल रही एजेंसी ‘मनोज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ के अनुसार, पिछले साल अगस्त से अब तक विभाग को 3 करोड़ रुपये का मेंटेनेंस बिल भेजा जा चुका है. इसके एवज में विभाग ने मात्र 25 लाख रुपये का आंशिक भुगतान किया है. संवेदक का कहना है कि समय पर भुगतान न होने से इतनी बड़ी योजना को सुचारू रूप से चलाना असंभव हो रहा है.

रिचार्ज के बिना बंद पड़े स्मार्ट मीटर, अवैध कनेक्शन की नौबत

फंड न मिलने से पिपराही के 119, पुरनहिया के 110 और शिवहर के 161 वार्डों में बिजली के स्मार्ट मीटर रिचार्ज न होने से सप्लाई ठप है. मीनापुर बालहा, अंबा दक्षिणी और बेलवा जैसी पंचायतों में स्थिति बेहद खराब है. मेंटेनेंस कर्मियों के अनुसार, जनता की परेशानी को देखते हुए कई जगह मजबूरी में डायरेक्ट (अवैध) बिजली कनेक्शन करना पड़ रहा है.

अधिकारियों का पक्ष: प्रक्रिया में हो रही है देरी

इस मामले में पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अरुण प्रकाश ने बताया कि डेविएशन की प्रक्रिया चलने के कारण समय लग रहा है और विभाग को पत्र भेजा गया है. वहीं, जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रेम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ भूमिदाताओं द्वारा जमीन की रजिस्ट्री न कराने के कारण मानदेय रुका हुआ है.

शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट

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सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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