कारगिल विजय दिवस : घायल होने के बाद भी कई दुश्मनों को मार गिराया
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jul 2019 7:41 AM
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कारगिल शहीद मेजर चंद्रभूषण द्विवेदी की वीर गाथा को याद करते हुए लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. चंद्रभूषण द्विवेदी शिवहर के पुरनहिया प्रखंड स्थित चंडीहा गांव के निवासी थे. ऑपरेशन विजय के दौरान दो जुलाई, 1999 को पाकिस्तानी घुसपैठियों की गोली से घायल होने के बावजूद उन्होंने देश के कई दुश्मनों […]
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कारगिल शहीद मेजर चंद्रभूषण द्विवेदी की वीर गाथा को याद करते हुए लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. चंद्रभूषण द्विवेदी शिवहर के पुरनहिया प्रखंड स्थित चंडीहा गांव के निवासी थे. ऑपरेशन विजय के दौरान दो जुलाई, 1999 को पाकिस्तानी घुसपैठियों की गोली से घायल होने के बावजूद उन्होंने देश के कई दुश्मनों को मार गिराया और भारत भूमि की रक्षा करते हुए मौत को गले लगा लिया. मेजर द्विवेदी का जन्म 1961 में बखार चंडिहा में हुआ था. पिता विंदेश्वरी द्विवेदी व मां इंद्रासन देवी के तीन बच्चे-बच्चियों में वे सबसे छोटे थे.
इनके पिता किसान व मां कुशल गृहिणी थी. सीतामढ़ी जिला के वेला विरार निवासी महावीर चौधरी की बिटिया भावना द्विवेदी के साथ इनकी शादी हुई. इनकी दो बेटी नेहा व दीक्षा हैं. शहीद द्विवेदी के भाई श्यामसुंदर द्विवेदी बताते हैं, मार्च 1999 में होली के अवसर पर अंतिम बार मेजर चंद्र भूषण द्विवेदी अपने गांव चंडीहा पहुंचे थे.
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