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दीक्षांत समारोह में बेटियों की लंबी कतार देख गदगद हुई राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, बताया विकसित भारत की तस्वीर

Updated at : 19 Oct 2023 6:37 PM (IST)
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दीक्षांत समारोह में बेटियों की लंबी कतार देख गदगद हुई राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, बताया विकसित भारत की तस्वीर

मुझे यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि इस विश्वविद्यालय से प्रथम स्थान प्राप्त करनेवालों में 60 प्रतिशत संख्या छात्राओं की है. इस उपलब्धि के लिए मैं उन्हें साधुवाद देती हूं. मुझे विकसित भारत का स्वरुप यहां दिखाई दे रहा है.

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पटना. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि मुझे यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि इस विश्वविद्यालय से प्रथम स्थान प्राप्त करनेवालों में 60 प्रतिशत संख्या छात्राओं की है. इस उपलब्धि के लिए मैं उन्हें साधुवाद देती हूं. मुझे विकसित भारत का स्वरुप यहां दिखाई दे रहा है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी छात्र-छात्राओं को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करने की बात हमेशा कहा करते थे. गांधी जी के इस विचार को सदैव ध्यान में रखना चाहिए. उनके चंपारण सत्याग्रह में यहां के कई विभूतियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू गुरुवार को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के प्रेक्षागृह में आयोजित प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थी.

इतिहास एवं वन संपदा से समृद्ध है चंपारण

उन्होंने कहा कि बापू की कर्मभूमि पूर्वी चंपारण में स्थापित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के प्रथम दीक्षांत समारोह में आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है. मैं आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं. आज दो विशिष्ट व्यक्ति डॉक्टरेट के मानद उपाधि से सम्मानित हुए हैं. मैं उन्हें भी विशेष तौर पर बधाई देती हूं. राष्ट्रपति ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी आत्मकथा में गांधी जी के चंपारण प्रवास की चर्चा की है. गांधी जी ने समाजिक समानता, एकता का रास्ता अपनाने का लोगों से आह्वान किया था. यहां पर वाल्मिकी टाइगर रिजर्व है. यह धरती इतिहास एवं वन संपदा से समृद्ध है. यहां पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं. आप सभी भगवान बुद्ध और बापू की इस धरती पर शिक्षा हासिल कर शिक्षा का परचम लहरायाएं, मैं पुनः अपनी शुभकामनाएं देती हूं.

राज्यपाल ने नौकरी देनेवाला बनने की दी सलाह

समारोह को संबोधित करते हुये राज्यपाल श्री राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह में सम्मानित होने वाले लोगों को मैं बधाई देता हूं और उनका अभिनंदन करता हूं. राष्ट्रपति जी का इस कार्यक्रम में शामिल होना सौभाग्य की बात है. मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी को तीन दिन के अंदर जमीन उपलब्ध कराने की आज इस कार्यक्रम में घोषणा कर दी है. इस विश्वविद्यालय का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो. यह हम सबका दायित्व है. हम सबका बर्ताव और आचरण ही पहचान है. केवल मन में भाव रहने से नहीं होता. राष्ट्रीय शिक्षा नीति का यहां अनुपालन होना शुरु हुआ है. नीति के अनुपालन से युवा पीढ़ी का भविष्य बेहतर होगा. मेरा अनुरोध है कि आप सभी सरकारी योजनाओं को अपनाकर नौकरी देनेवाला बनें, जिसके लिए दृढ संकल्प लेने की जरुरत है.

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बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि

इससे पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया. इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कुलपति ने उपाधि प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई. राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के विभिन्न संकायों स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के पास आउट विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्तिपत्र भेंटकर कुलाधिपति स्वर्ण पदक की उपाधि से सम्मानित किया. एकेडमिक शोभा यात्रा के साथ अतिथियों ने महात्मा गांधी प्रेक्षागृह, मोतिहारी में प्रवेश किया.

दो लोगों को मिला मानद उपाधि

समारोह में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, मधुबनी पेंटिंग एवं महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी का लोगों भेंटकर उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने सबसे पहले दीक्षांत समारोह में प्रसिद्ध उद्योगपति, लेखक, समाजिक विचारक आरके सिन्हा एवं भारतीय अभिनेता फिल्म निर्देशक एवं पटकथा लेखक चंद्र प्रकाश द्विवेदी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया. समारोह में सशस्त्र सीमा बल के बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन बजायी गयी.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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