डेहरी नगर.
प्रखंड क्षेत्र की मथुरी पंचायत के 250 घरों वाले गांव ओझा बिगहा में नल जल योजना के तहत एक ही स्थान पर तीन बोरिंग लगाये जाने से ग्रामीण चिंतित हैं. भू-गर्भजल स्तर नीचे खिसकने की आशंका को लेकर गांव में आक्रोश व्याप्त है. बताया गया कि पानी आपूर्ति के लिए माईजी कुटीया गांव की बोरिंग भी ओझा बिगहा में करायी जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार ओझा बिगहा गांव में पहले से खेतों की सिंचाई के लिए एक स्टेट ट्यूबवेल चालू है. अब नल जल योजना के तहत ओझा बिगहा और माईजी कुटीया दोनों गांवों के लिए इसी स्थान पर बोरिंग करायी जा रही है. इससे बोरिंग की संख्या तीन हो जायेगी. ग्रामीणों को आशंका है कि इससे गर्मी के दिनों में भू-गर्भजल स्तर काफी नीचे चला जायेगा. इस संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर ओझा बिगहा गांव से माईजी कुटीया गांव के लिए की जा रही जलापूर्ति की बोरिंग को हटाने की मांग की है. आवेदन में कहा गया है कि ओझा बिगहा से माईजी कुटीया गांव की दूरी लगभग 800 मीटर है. माईजी कुटीया गांव में बोरिंग के लिए पर्याप्त सरकारी जमीन भी उपलब्ध है. इसके बावजूद वहां बोरिंग नहीं करायी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि तीनों मोटर एक साथ चलने पर गांव के कई सबमर्सिबल और चापाकल बंद हो सकते हैं. इससे पेयजल संकट गहरा जायेगा.क्या कहते हैं ग्रामीणगर्मी के दिनों में ओझा बिगहा गांव में अक्सर पानी नीचे चला जाता है. इससे कई घरों के चापाकल बंद हो जाते हैं. इससे परेशानी उत्पन्न होगी.
राजेश तिवारीजब माईजी कुटीया गांव में पर्याप्त सरकारी जमीन है, तो वहां की जगह ओझा बिगहा में बोरिंग कराना उचित नहीं है. अधिकारियों को इस पर विचार करना चाहिए.जवाहर सिंहपहले से गांव में स्टेट ट्यूबवेल चल रहा है. अगर दो और बोरिंग लग गयी, तो गर्मी में भारी परेशानी होगी. जल संकट उत्पन्न हो जायेगा.
बिजेंद्र सिंहनल जल योजना की दो मोटर और एक स्टेट ट्यूबवेल जब एक साथ चलेगा, तो गांव का जलस्तर कहां पहुंचेगा कहना मुश्किल है.महेंद्र ओझा
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

