ठंड से बचने के लिए खुद अलाव जलाने को मजबूर लोग
कुछ जगह राहत, तो कई इलाकों में व्यवस्था बेअसर
करगहर.
कड़ाके की ठंड में क्षेत्र में प्रशासन की ओर से की गयी अलाव की व्यवस्था नाकाफी साबित रही है. दरअसल गुरुवार की रात करीब 9:30 बजे क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए खुद ही अलाव जलाकर आग तापते नजर आये, जिससे स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की पोल खुलती दिखी. करगहर स्थित सीएचसी के नजदीक एक झोपड़ी में चाय बेचने वाले वंशनारायण गुप्ता अलाव के अभाव में कंबल ओढ़े ठिठुरते बैठे दिखे. वहीं करगहर बाजार में नाश्ता और मिठाई की दुकान चलाकर परिवार का जीविकोपार्जन करने वाले एक व्यक्ति को सपरिवार अलाव जलाकर आग तापते देखा गया. पूछने पर उन्होंने बताया कि सीओ की ओर से बाजार में अलाव जलाने के लिए कुछ लकड़ियां भेजी जाती हैं, लेकिन लकड़ी लाने वाला व्यक्ति कुछ खास लोगों को चिन्हित कर उन्हीं को लकड़ी देकर चल जाते हैं. इसी क्रम में रात करीब 10:00 बजे शिव मंदिर के समीप कुछ युवक आग तापते मिले. इनमें कई छात्र लाइब्रेरी से पढ़ाई कर लौट रहे थे. सभी ने एक स्वर में स्थानीय प्रशासन पर नाराजगी जतायी और कहा कि ठंड के इस मौसम में अलाव की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है. कुछ लोगों ने बताया कि वे आसपास के ही रहने वाले हैं और भोजन के बाद टहलने व भगवान शिव के दर्शन के लिए निकले थे. उनका कहना था कि मंदिर जैसे सार्वजनिक और आस्था के स्थान पर अलाव की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को ठंड से राहत मिल सके. हालांकि, जिन जगहों पर प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था की गयी है, वहां लोगों को इससे काफी राहत भी मिल रही है. सीएचसी में रात्रि ड्यूटी पर तैनात गार्डों ने बताया कि हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड में सरकार की ओर से की गयी अलाव व्यवस्था से उन्हें काफी राहत मिलती है. आग के सहारे ही वे पूरी रात जागकर अपनी ड्यूटी पूरी कर पाते हैं.क्या कहते हैं सीओ
इस संबंध में सीओ अजित कुमार ने बताया कि करगहर ग्रामीण एरिया है, इसलिए प्रत्येक जगह अलाव की व्यवस्था करना संभव नहीं है. लेकिन प्रखंड मुख्यालय होने के कारण करगहर में सीएचसी, सेमरी मोड़, थाना मोड़ और मछली मंडी में ठंड बढ़ने के साथ ही अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

