शेरशाह सूरी महोत्सव में सजेगी अदब व इतिहास की महफिल

शेरशाह सूरी महोत्सव में सजेगी अदब व इतिहास की महफिल
21 व 22 मई को होगा शेरशाह सूरी महोत्सव का आयोजन देशभर के शायर और साहित्यकार करेंगे शिरकत शेरशाह सूरी की प्रशासनिक क्षमता और विरासत पर होगी चर्चा प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस ऐतिहासिक नगरी सासाराम में 21 व 22 मई को शेरशाह सूरी महोत्सव का आयोजन किया जायेगा. महोत्सव के दौरान उर्दू अदब, साहित्य और इतिहास की शानदार महफिल सजेगी, जिसमें देश के नामचीन शायर, कवि और साहित्यकार अपनी प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम में भव्य मुशायरा और विचार गोष्ठी का आयोजन होगा. जिलाधिकारी उदिता सिंह के निर्देश पर गठित समिति ने देश के ख्यातिप्राप्त शायरों, कवियों और वक्ताओं का चयन किया है. मुशायरा में कानपुर के जलील खैराबादी, आजमगढ़ के अहमद आजमी, फतेहपुर के तनुज नाज, ज्ञानपुर के चकाचौंध ज्ञानपुरी, मिर्जापुर की पूनम श्रीवास्तव तथा वाराणसी के निजाम बनारसी अपनी गजल, नज्म और शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे. स्थानीय साहित्यकारों में डॉ गुरु चरण सिंह, मतीन सासारामी, सरोज कुमार पंकज और आलम परवेज भी प्रस्तुति देंगे. विचार गोष्ठी में इतिहासकार और शिक्षाविद शेरशाह सूरी की प्रशासनिक क्षमता, न्याय व्यवस्था, भू-राजस्व प्रणाली और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगे. अली हुसैन इद्रीसी, जीएम अंसारी, डॉ जावेद अख्तर, डॉ अरुण कुमार, डॉ जंगबहादुर पांडेय, डॉ एके आलमी और डॉ सुरेन्द्र प्रसाद सिंह विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे. जिलाधिकारी ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को शेरशाह सूरी की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक योगदान से परिचित कराना है.
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