रोहतास के काव नदी पर पुल नहीं होने से किसान बेहाल, खेत जाने के लिए तय करनी पड़ती है अतिरिक्त 5 किमी की दूरी

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 24 May 2026 5:09 PM

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इसी जगह पुल बनाने की है मांग

Sasaram News: रोहतास जिले के राजपुर प्रखंड के पकड़ी गांव में काव नदी पर पुल न होने से किसानों को खेत जुताई और फसल लगाने के लिए 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. नदी के दूसरे छोर पर उपजाऊ जमीन होने के कारण किसानों को ट्रैक्टर, खाद और बीज ले जाने में भारी परेशानी होती है, विशेषकर जुलाई से दिसंबर तक जलस्तर बढ़ने पर खतरा ज्यादा रहता है. ग्रामीणों ने अमरपुर, नोनियाडीह और छपरा समेत कई गांवों की सुविधा के लिए जल्द पुल निर्माण की मांग की है.

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Sasaram News (प्रमोद तिवारी): रोहतास जिले के राजपुर प्रखंड अंतर्गत पकड़ी गांव स्थित काव नदी पर पुल का निर्माण न होना स्थानीय किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गयी है. आजादी के दशकों बाद भी इस नदी पर पुल नहीं बनने के कारण क्षेत्र के किसानों को खेती-किसानी के लिए भारी मशक्कत और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पुल के अभाव में पकड़ी सहित आसपास के कई गांवों के किसानों को अपने ही खेतों तक ट्रैक्टर और कृषि उपकरण ले जाने के लिए करीब 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है.

नदी के दूसरे छोर पर है उपजाऊ जमीन, कृषि उपकरण ले जाने में होती है आफत

पकड़ी और आसपास के ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि खेती ही यहाँ के लोगों की आजीविका का एकमात्र मुख्य साधन है. काव नदी के दूसरे छोर पर बहुत बड़ी संख्या में किसानों की उपजाऊ और खेती योग्य जमीन स्थित है. नदी पर पुल नहीं रहने के कारण खेतों तक ट्रैक्टर, भारी कृषि मशीनें, खाद, बीज और अन्य उपकरण पहुंचाना एक दुरूह कार्य साबित होता है. किसानों को लंबा चक्कर काटकर घूमना पड़ता है, जिससे फसल लागत भी बढ़ जाती है.

बाढ़ और बारिश के दिनों में बढ़ जाता है खतरा, जुलाई से दिसंबर तक आफत

किसानों के अनुसार, खासकर जुलाई महीने से लेकर दिसंबर तक नदी में जलस्तर बढ़ जाने के कारण यह समस्या और अधिक गंभीर व जानलेवा हो जाती है. मानसून और बारिश के दिनों में उफनती नदी को पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है. कई बार किसान और मजदूर हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं. इस भौगोलिक बाधा के कारण खेतों की समय पर जुताई, बुआई (रोपनी) और फसलों की आवश्यक देखभाल नहीं हो पाती, जिसका सीधा और नकारात्मक असर फसल के उत्पादन (पैदावार) पर पड़ता है.

पुल बना तो अमरपुर और नोनियाडीह समेत कई गांवों की बदल जाएगी सूरत

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से काव नदी पर अविलंब एक उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराए जाने की पुरजोर मांग की है. किसानों का कहना है कि यदि यहाँ पुल का निर्माण हो जाता है, तो पकड़ी के साथ-साथ अमरपुर, नोनियाडीह, छपरा समेत कई अन्य गांवों के हजारों लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इससे न सिर्फ किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि रोजमर्रा के आवागमन, स्कूली बच्चों की पढ़ाई और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी एक सुगम व सुरक्षित रास्ता तैयार हो सकेगा.

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