सोन नदी में शराब की कई भट्ठियां ध्वस्त
Author Prabhat khabar news desk
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सासाराम न्यूज : कहीं नक्सलियों के शह पर तो नहीं हो रही थी अफीम की खेती
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सासाराम न्यूज : कहीं नक्सलियों के शह पर तो नहीं हो रही थी अफीम की खेती
नौहट्टा/सासाराम ग्रामीण.
नौहट्टा थाना क्षेत्र में सोन नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अफीम की फसल को पुलिस ने नष्ट कर दिया है. अब पुलिस कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है. नौहट्टा सोन तटीय इलाका जिले का नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. हालांकि, वर्तमान में इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां नगण्य हो चुकी हैं. लेकिन, फिर भी इस क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति एवं उनके अवैध कारोबार से इनकार नहीं किया जा सकता है. इससे पूर्व भी इन इलाकों में अफीम की खेती होती रही है. इससे नक्सलियों को आर्थिक मजबूती मिलती है. यह इलाका एक तरफ कैमूर पहाड़ी व दूसरी तरफ सोन नदी से सटा हुआ है. इसके कारण पूरा इलाका इस तरह के अवैध कारोबार के लिए सेफ जोन माना जाता है. क्योंकि, पुलिस इस इलाके में आसानी से नहीं पहुचती है. क्योंकि, इस अफीम की खेती भले ही बिहार के नौहट्टा के क्षेत्र में है. लेकिन, इस जगह से झारखंड का इलाका नजदीक है. कहीं झारखंड के ही लोग यहां सेफ जोन बनाकर खेती, तो नहीं कर रहे थे.अफीम व शराब धंधेबाज फरार
एसपी के नेतृत्व में पुलिस बल जब अफीम की खेत की ओर पहुंचे, तो उसी दौरान रास्ते में कई शराब की भट्ठियां भी मिलीं. उसे पुलिस ने नष्ट कर दिया. हालांकि, न शराब कारोबारी पुलिस के हत्थे चढ़ सके और ना ही अफीम की खेती करने वाले. हालांकि, अफीम के खेत में एक झोपड़ी भी बनी हुई थी. उसमें कोई मौजूद नहीं था. अफीम की लहलहाती फसल को पुलिस ने ट्रैक्टर से रौंद कर नष्ट कर दिया है. फसल को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि फसल लगभग तैयार हो चुकी है और इसके बाद फसल से अफीम व पोस्ता दाना निकालने की प्रक्रिया जल्द ही आरंभ की जाती.पुलिस ने धंधेबाजों को किया चिह्नित
अफीम की खेती में संलिप्त लोगों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है. इसमें झारखंड के पलामू जिले के कुछ लोग बताया जा रहे हैं. इसकी जानकारी प्रेसवार्ता आयोजित पर एसपी ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उत्पाद विभाग समेत झारखंड और जिले के पुलिस बल का संयुक्त अभियान चलाया गया. इसके साथ ही उत्पाद विभाग की ड्रोन टीम से इसकी फुटेज इकट्ठा किया गया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. इस प्रतिबंधित खेती में शामिल लोगों को चिन्हित कर छापेमारी की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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