रोहतास में FLN मिशन 2026-27 को मिलेगी रफ्तार, TARL पद्धति से बच्चों के सीखने के स्तर पर होगा फोकस

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फोटो कैप्शन : एफएलएन मिशन 2026-27 के तहत आयोजित टीएआरएल उन्मुखीकरण बैठक में मौजूद शिक्षा विभाग के पदाधिकारी एवं संसाधन व्यक्ति. | Prabhat Khabar Network

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रोहतास में FLN मिशन 2026-27 के द्वितीय चरण के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस मिशन का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए TARL (Teaching at the Right Level) पद्धति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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Rohtas News : बिहार शिक्षा परियोजना, रोहतास की ओर से शनिवार को एफएलएन मिशन 2026-27 के द्वितीय चरण के तहत जिला स्तरीय टीएआरएल (Teaching at the Right Level) उन्मुखीकरण बैठक आयोजित की गई. बैठक में विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता (FLN) को मजबूत बनाने और टीएआरएल पद्धति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई.

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'हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार मिले शिक्षा'. डीपीओ ने बताई मिशन की प्राथमिकता

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) रजनीश कुमार उपाध्याय ने कहा कि एफएलएन मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी वर्तमान सीखने की क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. इसके लिए विद्यालयों में 'सही स्तर पर शिक्षण' (टीएआरएल) पद्धति का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मूल्यांकन और बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार सुनिश्चित करना आवश्यक है.

गतिविधि आधारित शिक्षण और नियमित मूल्यांकन पर दिया गया जोर

डीपीओ ने कहा कि बच्चों के सीखने के स्तर की पहचान कर उसी के अनुरूप शिक्षण उपलब्ध कराना एफएलएन मिशन की सफलता की कुंजी है. उन्होंने शिक्षकों से गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने और सतत मूल्यांकन के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित करने का आह्वान किया.

प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने समझाई टीएआरएल की कार्यप्रणाली

बैठक में गुणवत्ता समन्वयक प्रभात और हर्ष विजयवर्धन मौजूद रहे. वहीं, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने टीएआरएल पद्धति, बच्चों के अधिगम स्तर के आकलन, समूह निर्माण तथा गतिविधि आधारित शिक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस पद्धति से बच्चों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुरूप पढ़ाया जाता है, जिससे उनके सीखने के स्तर में प्रभावी सुधार संभव होता है.

स्कूल स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिए गए व्यवहारिक सुझाव

जिला एफएलएन संसाधन टीम की ओर से गजाला फातिमा, नंदिनी मिश्रा, मुन्ना प्रसाद, मनी कुमारी और रमेश तिवारी ने भी शिक्षकों को टीएआरएल के प्रभावी संचालन के लिए व्यवहारिक सुझाव दिए. बैठक में स्कूल स्तर पर मिशन के सफल संचालन, सतत मूल्यांकन प्रक्रिया और शिक्षण गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया.

गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा पहुंचाने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों एवं संसाधन व्यक्तियों ने एफएलएन मिशन 2026-27 के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया.


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