सूर्यपुरा. प्रखंड के नीलकंठपुर गांव निवासी किसान बादशाह सिंह मंगलवार को सूर्यपुरा बाजार स्थित ओम जय मां गायत्री इंटरप्राइजेज खाद दुकान पर यूरिया के लिए गये. दुकान के मालिक कमलेश ने उन्हें स्टॉक समाप्त होने की बात कही. वे भटकने लगे. बाजार में दलाल मिला, जिसने 450 रुपये में यूरिया उपलब्ध कराने की बात कही. यही वाकया श्रीकांतपुर गांव के किसान ददन सिंह के साथ भी हुआ. दुकान में यूरिया का स्टॉक नहीं होने पर दलाल ने उन्हें 450 रुपये प्रति बोरी यूरिया उपलब्ध कराने की बात कही. बुधवार को बारून गांव निवासी किसान मुकेश वर्मा व डबरिया गांव निवासी रामबचन पांडेय के साथ भी वही बात दोहरायी गयी. दोनों लोगों को बिचौलिए ने 450 रुपये प्रति बोरा की दर से यूरिया देने की बात कही. बात सही है कि सूर्यपुरा बाजार की दुकानों में पिछले 31 दिसंबर से यूरिया खाद का स्टॉक समाप्त हो चुका है. किसान परेशान हो उठे हैं. यूरिया समाप्त होने के संबंध में ओम जय मां गायत्री इंटरप्राइजेज खाद दुकान के मालिक कमलेश ने बताया कि 31 दिसंबर को यूरिया का स्टॉक समाप्त हो गया है. अभी यूरिया नहीं है. ऐसे में मैं क्या कर सकता हूं. वहीं, सूर्यपुरा के कृषि समन्वयक सुनील कुमार राय ने कहा कि यह सही है कि 31 दिसंबर से यूरिया का स्टॉक समाप्त हो चुका है. जल्द ही रैक आने वाला है. रैक आने पर दुकानों पर यूरिया उपलब्ध हो जायेगी. उन्होंने कहा कि अधिक कीमत पर खाद बिक्री की लिखित शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि बिना औपचारिक शिकायत के किसी तरह की कार्रवाई कर पाना कठिन होता है. उन्होंने बताया कि दो दिन पूर्व बलिहार बाजार स्थित खाद विक्रेता नंदकिशोर प्रसाद के पास सौ बोरी यूरिया खाद आया था, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों के बीच उचित मूल्य पर बांटा गया था. बिचौलियों से अधिक कीमत पर खाद खरीद रहे किसान इधर यूरिया नहीं होने से क्षेत्र के किसानों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. वे खाद के लिए एक बाजार से दूसरे बाजार भटक रहे हैं. कुछ मजबूरी में बिचौलियों से अधिक कीमत पर खाद खरीद भी रहे हैं. किसानों का कहना है कि खेत में पटवन हो चुका है. इसी समय खाद डालना अनिवार्य है. इसलिए मजबूरन अधिक कीमत पर खाद खरीदना पड़ रहा है. किसानों ने कहा कि जानबूझ कर स्टॉक कम दिखाया जा रहा है. क्योंकि, सरकार कह रही है कि यूरिया प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, तो फिर वह गया कहां. सरकारी दुकानों पर स्टॉक शून्य है और बिचौलियों के पास यूरिया भरपूर मात्रा में है. ऐसा महसूस हो रहा है.
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