बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं को अधिकार, स्वास्थ्य व योजनाओं की दी गयी जानकारी फोटो-13- कार्यक्रम के दौरान छात्राएं, अतिथि व अन्य. ए- क्वीज में शामिल बच्चियां. प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस चौखंडी पथ हाई उच्च स्कूल में महिला एवं बाल विकास निगम, रोहतास के तत्वावधान में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम में छात्राओं, महिलाओं व शिक्षकों की उपस्थिति रही. निगम के जिला परियोजना प्रबंधक मो शमीम अंसारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक व जिला परियोजना प्रबंधक ने छात्राओं और उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, बेटियों के महत्व, समान अधिकार, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र सहित महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके भविष्य से भी खिलवाड़ है. इसलिए समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है कि बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करे और बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करे. जिला मिशन समन्वयक डॉ फरहत दुर्रानी ने सभी छात्राओं और समुदाय को बाल विवाह न करने, बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया. उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त बेटी ही सशक्त समाज और राष्ट्र की नींव है. कार्यक्रम का संचालन जिला महिला सशक्तीकरण केंद्र की वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ कुमारी मेघा ने किया. उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, सही निर्णय लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि जागरूक बेटी ही सशक्त समाज की पहचान है. वहीं, कार्यक्रम में छात्राओं के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें बेटियों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे गये. प्रतियोगिता में सर्वाधिक अंक लाने वाली 20 छात्राओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लोगोयुक्त बैग और मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन किट देकर सम्मानित किया गया. इससे छात्राओं में उत्साह देखा गया. कार्यक्रम के अंत में सभी बालिकाओं और महिलाओं को शपथ दिलाीय गयी. कार्यक्रम में जिला महिला सशक्तीकरण केंद्र के लेखा सहायक, स्कूल के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिका सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे.
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