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निगम में एग्रीमेंट के अनुरूप सफाई एजेंसियां नहीं कर रहीं काम

Updated at : 20 Sep 2024 10:17 PM (IST)
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निगम में एग्रीमेंट के अनुरूप सफाई एजेंसियां नहीं कर रहीं काम

एग्रीमेंट का मतलब होता है आपसी सहमति. एग्रीमेंट में जो बातें लिखी होती हैं, उसी के अनुसार कार्य करना होता है. एग्रीमेंट के अनुरूप किये गये कार्य के लिए एक पक्ष को दूसरे पक्ष को तय राशि का भुगतान करना पड़ता है, तो दूसरे पक्ष को एग्रीमेंट के अनुरूप कार्य करना पड़ता है.

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सासाराम कार्यालय. एग्रीमेंट का मतलब होता है आपसी सहमति. एग्रीमेंट में जो बातें लिखी होती हैं, उसी के अनुसार कार्य करना होता है. एग्रीमेंट के अनुरूप किये गये कार्य के लिए एक पक्ष को दूसरे पक्ष को तय राशि का भुगतान करना पड़ता है, तो दूसरे पक्ष को एग्रीमेंट के अनुरूप कार्य करना पड़ता है. एग्रीमेंट के अनुरूप कार्य नहीं होने पर राशि कटौती या फिर जो तय हो जुर्माना वगैरह लगाने का प्रावधान है. इन बातों की जानकारी लिखित रूप में होने के बावजूद शहर में सफाई के लिए एग्रीमेंट की हुईं एजेंसियां संपूर्ण कार्य नहीं कर रही हैं. इसके कारण नगर निगम समय-समय पर एजेंसियों के भुगतान में कटौती कर रहा है. पर, क्या कटौती करना अंतिम उपाय है? जानकारों की मानें, तो शहर को पांच जोन में बांट कर सफाई के लिए एजेंसियों ने स्वेच्छा से एग्रीमेंट किया है. तो, फिर संपूर्ण सफाई क्यों नहीं? इसका जवाब ढूंढने की प्रभात खबर ने कोशिश की, तो सामने आया कि अधिकतर एजेंसियां सेटिंग की उम्मीद पर निर्भर हैं. जो, शायद सासाराम नगर निगम में संभव नहीं हो पा रहा है. तभी तो शहर में कार्यरत एजेंसियां अब तक कभी संपूर्ण सफाई का कार्य नहीं कर रही हैं और ना ही सफाई कर्मियों को समय से पारिश्रमिक का भुगतान नहीं कर रही हैं. इसका परिणाम हड़ताल और उससे उपजी समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है.

अन्य शहरों की तरह सेटिंग के भरोसे है एजेंसी

जिले के अधिकतर नगर इकाइयों में सफाई एजेंसी सेटिंग पर कार्य कर रही हैं. जानकार बताते हैं कि शायद ही कोई ऐसी नगर इकाई है, जहां एग्रीमेंट के अनुरूप सफाई कार्य हो रहा है. तभी तो कम कार्य करते हुए भी उन एजेंसियों का भुगतान आराम से हो रहा है. शायद इसी तर्ज पर सासाराम में एजेंसी ने कोशिश की थी, लेकिन यहां उसकी दाल नहीं गली और करीब 70 लाख रुपये के घाटे में एजेंसी चली गयी है. यह स्वीकारोक्ति मैक्स ग्लोबल के अधिकारी श्रीकांत से स्वयं की है. हालांकि, उसने कहा कि नगर आयुक्त ने 25 प्रतिशत रकम की कटौती की थी, जिसके कारण आर्थिक नुकसान हुआ. लेकिन, उसने यह नहीं कहा कि एग्रीमेंट के अनुरूप कार्य नहीं होगा, तो राशि में कटौती जायज है.

हड़ताल के मुहाने पर सफाईकर्मी

विगत 14 सितंबर को एक, दो और पांच जोन के सफाई कर्मियों ने समय से पारिश्रमिक नहीं मिलने पर हड़ताल की थी. उन्हें किसी तरह एजेंसी और नगर निगम के अधिकारियों ने मनाकर काम पर लौटाया था. उस समय सफाई एजेंसी मैक्स ग्लोबल ने लिखित रूप में दिया था कि 18 सितंबर को कर्मचारियों के पारिश्रमिक का भुगतान कर दिया जायेगा. इस संबंध में मैक्स ग्लोबल के अधिकारी श्रीकांत ने कहा कि पारिश्रमिक के लिए कर्मचारियों से बात होगी.

सोच-समझ कर ही एजेंसी ने लिया था कार्य

सफाई कार्य में लगी एजेंसियों ने सोच-समझ कर ही एग्रीमेंट किया था. उन्हें हर हाल में एग्रीमेंट के अनुसार कार्य करना होगा. रही बात मैक्स ग्लोबल की, तो नगर निगम सिर्फ कार्य चाहता है. एजेंसी ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत बतायी थी. कार्य एग्रीमेंट के अनुरूप नहीं होगा, तो कार्रवाई होगी ही.

काजल कुमारी, मेयर, नगर निगम सासाराम

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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