रोहतास: स्कूल के बच्चों ने उठाया नशामुक्त भारत का संकल्प, परिवार और समाज को जागरूक करने का लिया प्रण

Updated:
विज्ञापन

. | Prabhat Khabar Network

चेनाडी के पाराडाइज चिल्ड्रेन एकेडमी में छात्रों ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का सामूहिक संकल्प लिया।

विज्ञापन

Rohtas News : रोहतास जिला के चेनाडी में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में अब स्कूली बच्चे भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं. पाराडाइज चिल्ड्रेन एकेडमी चेनाडी में सोमवार को नशामुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और देश को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया. विद्यार्थियों ने कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे.

नशे के दुष्परिणामों की दी जानकारी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है. युवाओं को नशे से बचाना आज समाज के सामने बड़ी चुनौती है.

छोटी आदत से शुरू होकर बर्बाद कर देता है जीवन

विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदत से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह बर्बाद कर सकती है. बच्चों को शुरू से ही नशे के प्रति जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वे भविष्य में नशे से जुड़े किसी भी प्रलोभन का मजबूती से सामना कर सकें.

किताबी शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी

विद्यालय के डायरेक्टर संतोष कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है. उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है. नशामुक्त भारत का संकल्प बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

बच्चों के जरिए हर परिवार तक पहुंचेगा संदेश

विद्यालय के शिक्षक रुचि तिवारी ने कहा कि जागरूकता ही नशे के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है. बच्चों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश हर परिवार तक पहुंचाया जा सकता है. यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी, तो समाज में अपराध और कई अन्य सामाजिक बुराइयों पर भी अंकुश लगाया जा सकता है.

बचपन से जागरूकता जरूरी

विद्यालय की शिक्षिकाओं अमृता जायसवाल, मुस्कान और रेखा सिंह ने कहा कि बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को बर्बाद करने के साथ पूरे परिवार को प्रभावित करता है. यदि बच्चों को बचपन से ही नशे के खिलाफ जागरूक किया जाए, तो वे स्वयं इससे दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे.

हाथ उठाकर विद्यार्थियों ने ली शपथ

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशे से बचाने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की शपथ ली. विद्यार्थियों के सामूहिक संकल्प से विद्यालय परिसर नशामुक्ति के संदेश से गूंज उठा.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन