चेनारी: पंचायत चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज, रोस्टर से तय होगी उम्मीदवारों की किस्मत; गांव-गांव सक्रिय संभावित मुखिया प्रत्याशी

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फोटो कैप्शन:-प्रखंड सह अंचल कार्यालय | Prabhat Khabar Network

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रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड में पंचायत चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है, लेकिन आरक्षण रोस्टर पर सबकी निगाहें टिकी हैं। रोस्टर जारी होने के बाद ही चुनावी तस्वीर साफ होगी और मुकाबला रोचक बनने की उम्मीद है।

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Sasaram Panchayat Chuanv : रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड में पंचायत चुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, लेकिन राजनीतिक माहौल ने अभी से गर्मी पकड़ ली है. संभावित प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं और गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क साध रहे हैं. मुखिया से लेकर वार्ड सदस्य, जिला पार्षद, सरपंच, बीडीसी और पंच पद तक के दावेदार अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

हालांकि चुनाव की असली तस्वीर अभी साफ नहीं है, क्योंकि सभी की नजरें आरक्षण रोस्टर पर टिकी हुई हैं. जिला प्रशासन की ओर से रोस्टर जारी होने के बाद ही यह तय होगा कि किस पंचायत में कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा. इसी के आधार पर उम्मीदवारों की रणनीति तय होगी.

Sasaram News : रोस्टर बना सबसे बड़ा फैक्टर

चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर सबसे अहम भूमिका निभा रहा है. कई ऐसे संभावित उम्मीदवार हैं जो वर्षों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आरक्षण बदलने की आशंका के कारण अभी खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं. उन्हें डर है कि अगर पंचायत का आरक्षण बदल गया, तो उनकी सारी तैयारी धरी रह जाएगी.

दूसरी तरफ, रोस्टर बदलने से कई नए चेहरे भी चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. ऐसे में इस बार का पंचायत चुनाव पिछले चुनाव से काफी अलग और दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है.

Panchayat Election : गांव-गांव बढ़ी सक्रियता

चुनाव की आहट के साथ ही संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता भी तेजी से बढ़ गई है. चौपाल, सामाजिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन और पारिवारिक समारोह अब राजनीतिक मंच में बदलते नजर आ रहे हैं. उम्मीदवार मतदाताओं से मिलकर अपनी योजनाएं बता रहे हैं और पंचायत के विकास के बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं.

वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि भी अपने पुराने समर्थकों को फिर से सक्रिय करने में जुट गए हैं. हर कोई अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगा है, ताकि चुनाव की घोषणा होते ही वह मजबूती से मैदान में उतर सके.

चर्चाओं से गर्म हुआ माहौल

ग्रामीण इलाकों में चाय की दुकानों, चौक-चौराहों और स्थानीय बैठकों में पंचायत चुनाव चर्चा का मुख्य विषय बन चुका है. मतदाता भी संभावित उम्मीदवारों के कामकाज, छवि और व्यवहार को लेकर खुलकर चर्चा कर रहे हैं. इससे साफ है कि इस बार मतदाता भी काफी जागरूक नजर आ रहे हैं.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे ही आरक्षण सूची जारी होगी, चुनावी सरगर्मी और तेज हो जाएगी और पंचायतों में मुकाबला काफी रोचक बन जाएगा.

प्रशासन ने शुरू की तैयारी

इस संबंध में प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि मुखिया पद के आरक्षण रोस्टर का निर्धारण जिला स्तर पर किया जा रहा है. जैसे ही रोस्टर प्राप्त होगा, उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के अद्यतन और मतदान केंद्रों के सत्यापन का कार्य भी तेजी से चल रहा है.

अब रोस्टर का इंतजार

फिलहाल पूरे चेनारी प्रखंड की नजरें आरक्षण सूची पर टिकी हैं. रोस्टर जारी होते ही यह साफ हो जाएगा कि किस पंचायत में किस वर्ग के लिए सीट आरक्षित होगी और कौन उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेगा.


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