एमएसपी से कम दाम पर धान खरीद पर रोक लगाने की मांग

खरीद केंद्र बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की उठी मांग
सहकारिता मंत्री को ज्ञापन सौंप कर जदयू प्रदेश महासचिव ने उठाया मुद्दा प्रतिनिधि, काराकाट रोहतास जिला और काराकाट प्रखंड में धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर खरीदे जाने को लेकर जदयू प्रदेश महासचिव मनोरंजन गिरी ने बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव धर्मेंद्र सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से धान खरीद में बिचौलियों की सक्रियता पर रोक लगाने और सरकारी व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग की गयी. मनोरंजन गिरी ने सहकारिता मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि वर्तमान में किसानों को सरकार द्वारा घोषित एमएसपी के अनुसार धान की कीमत नहीं मिल रही है. मंडियों और स्थानीय व्यापारियों द्वारा किसानों से 16 से 17 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की जा रही है, जो उत्पादन लागत से काफी कम है. उन्होंने बताया कि धान खरीद केंद्रों की संख्या कम होने के कारण किसान मजबूरी में औने-पौने दाम पर बिचौलियों को धान बेचने को विवश हैं. बीज, खाद, डीजल और बढ़ती मजदूरी के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. इससे किसान आर्थिक बोझ के नीचे दबते जा रहे हैं और उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है. ज्ञापन में सरकारी खरीद केंद्रों पर धान की खरीद में तेजी लाने की मांग की गयी है. साथ ही यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी से कम कीमत पर धान की खरीद किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए. नियमों का उल्लंघन करने वाले बिचौलियों और व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग भी उठायी गयी है. मनोरंजन गिरी ने सहकारिता मंत्री से अनुरोध किया कि अन्नदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान किया जाये, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके.
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