कुंभ में भगदड़ में मरी कैमूर की महिला का सात दिन बाद मिला शव

Published at :05 Feb 2025 9:41 PM (IST)
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कुंभ में भगदड़ में मरी कैमूर की महिला का सात दिन बाद मिला शव

कैमूर न्यूज : पोस्टमार्टम के लिए गिड़गिड़ाते रहे परिजन, एंबुलेंस में जबरन बैठाकर भेज दिया घर

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कैमूर न्यूज : पोस्टमार्टम के लिए गिड़गिड़ाते रहे परिजन, एंबुलेंस में जबरन बैठाकर भेज दिया घर

भभुआ सदर.

विगत 29 जनवरी को कुंभ में हुई भगदड़ में कैमूर जिले के कोरी गांव की रहने एक महिला की भी मौत हो गयी थी. 29 जनवरी से गायब महिला का शव सात दिनों बाद मंगलवार को इलाहाबाद में मिला. वह उदय प्रताप सिंह की पत्नी सुनैना देवी है. घटना को लेकर बड़ी बात यह सामने आयी है कि 29 जनवरी को कुंभ की भगदड़ में सुनैना (53) की मौत के बाद शव को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रखा गया था. लेकिन उनका कोई आता-पता उनके परिजनों को नहीं मिल रहा था, जबकि वह 28 जनवरी को गांव की 16 लोगों के साथ मौनी अमावस्या स्नान के लिए प्रयागराज कुंभ में गयी हुई थी. सुनैना देवी का आता पता नहीं मिलने पर परिजन इलाहाबाद के हर अस्पताल में घूम-घूम कर उन्हें खोज रहे थे. सात दिनों बाद चार फरवरी को सुनैना देवी का शव मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद के मर्चरी हाउस में मिला. लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि परिजनों द्वारा जब सुनैना देवी के पोस्टमार्टम करने के लिए अस्पताल प्रशासन एवं पुलिस से कहा गया, तो किसी के द्वारा उक्त महिला का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और जबरन एंबुलेंस में बैठाकर एक पुलिसकर्मी के साथ सुनैना देवी का शव उनके गांव कोरी भेज दिया गया. परिजन लगातार पुलिस से गिड़गिड़ाते रहे कि शव पोस्टमार्टम कराया जाये, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था. पुलिस के द्वारा डांट फटकार एवं दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें जबरन एंबुलेंस में बैठकर घर भेज दिया गया.

भभुआ पहुंचने पर सुनैना देवी के परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय थाने से लेकर एसपी तक से गुहार लगायी गयी. इसके भभुआ सदर अस्पताल में बुधवार की शाम पोस्टमार्टम हुआ. परिजनों ने यूपी प्रशासन पर भगदड़ के दौरान मौत के आंकड़े को छुपाने के लिए पोस्टमार्टम नहीं करने का आरोप लगाया. पोस्टमार्टम कराया जाता, तो आधिकारिक रूप से भगदड़ में मौत का आंकड़ा बढ़ता और सरकार को मुआवजा देना पड़ता है. शव लेकर आये उनके बेटों बेटे विष्णु पटेल और नीतीश पटेल उर्फ मंत्री ने बताया कि हादसे के बाद से वह लापता हुई. अपनी मां को मेला क्षेत्र में ढूंढ रहे थे. सातवें दिन उनकी मां का शव प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के मर्चरी हाउस में रखा मिला. शव की पहचान कर लेने के बाद उनलोगों ने स्थानीय मेला पुलिस से शव के पोस्टमार्टम सहित कागजी कार्रवाई के लिए कहा. लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया और एक पुलिस अफसर नीतीश उर्फ मंत्री से मारपीट करने लगा. बोला कि ज्यादा बहस करने पर उनलोगों को भी किसी केस में फंसा देगा. पुलिस ने आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर उनसे जबरन हस्ताक्षर करवा लिया और शव ले जाने को बोल दिया. हंगामा करने के बाद मेला पुलिस मेला क्षेत्र में तैनात एक कॉन्स्टेबल विजय कुमार के साथ शव भभुआ पुलिस को सौंपने के लिए तैयार हुई. इसके बाद एंबुलेंस से शव भभुआ लाया गया.

28 जनवरी को कोरी गांव से 16 लोग गये थे कुंभ स्नान करने

गौरतलब है कि मृत महिला सुनैना देवी मौनी अमावस्या के शुभ मौके पर कुंभ स्नान करने के लिए 28 जनवरी को प्रयागराज गये 16 लोगों में शामिल थी. प्रयागराज पहुंचने के बाद 29 जनवरी को अहले सुबह सभी लोग संगम नोज के समीप स्नाना के लिए खड़े थे. इसी दौरान हुई भगदड़ में महिला अपने लोगों से बिछड़ गयी और उसके बाद उसका पता नही चला.

शव दिखाने को कहने पर पुलिसवालों ने की मारपीट

मृतका के बेटे नीतीश ने बताया कि जब वह लोग सुबह 9 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां कोई नहीं था. इसके बाद कुछ पुलिसवाले आये और उनसे शव दिखाने को बोला गया, तो उनके द्वारा शव तो दिखाया गया, जिसकी पहचान भी कर ली गयी. लेकिन, पुलिस ने उनसे आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर हस्ताक्षर करवा लिया. उस पर लिख दिया गया कि शव 29 जनवरी को ही परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजन बगैर पोस्टमार्टम के ही शव ले जाने को तैयार नहीं थे. इसका विरोध किया गया, तो एक पुलिस अधिकारी ने मारपीट की.

आकड़े को छुपाने के लिए परिजनों से हो रहा दुर्व्यहार

महिला की मौत के संबंध में कैमूर जिला पार्षद विकास सिंह ने सवालिया उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासन महाकुंभ मेले में मौत के आंकड़ों को छुपा रहा है. आंकड़े को छुपाने के लिए पुलिस मृतकों के परिजनों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है. इस मामले पर कांग्रेस सदर प्रखंड अध्यक्ष हरीश कुमार, पुष्पराज पटेल, गुड्डू सिंह, अनिल पटेल, कार्यालय सचिव महेंद्र राम, राजीव रंजन पांडे, लियाकत अंसारी, पूर्व मुखिया रामकुमार राम, मुखिया श्यामा कांत अकेला उर्फ हीरा, पूर्व मुखिया अजय सिंह पटेल, जदयू उपाध्यक्ष अजय सिंह,मोरध्वज सिंह, लालजी सिंह, सीताराम सिंह, आदि लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त किया और यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया है.

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