नशे के इंजेक्शन से अनजाने में एचआइवी संक्रमण की चपेट में आ रही युवा पीढ़ी
बिक्रमगंज
. सासाराम, दावथ और बिक्रमगंज में बुधवार को नशे के इंजेक्शन की बड़ी खेप के साथ तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गुरुवार को उनसे पूछताछ कर पुलिस ने न्यायालय को सौंप दिया. इस पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी कि गिरफ्तार तीन नशे के सौदागरों में से एक एचआइवी पॉजिटिव है. इसकी जानकारी देते हुए डीएसपी संकेत कुमार बताया था कि गिरफ्तार आरोपितों में से एक ने स्वयं ही एचआइवी पॉजिटिव होने की बात स्वीकार की है. उसकी किडनी भी खराब हो चुकी है. बावजूद इसके उसे मलाल नहीं है कि वह नशे का इंजेक्शन बेच कर अन्य युवाओं को बर्बाद करने पर तुला है. सरकार द्वारा जागरूकता अभियान के बाद एचआइवी संक्रमितों का मिलना, नशे के कारोबारियों की ओर संकेत कर रहा है कि उनके बेचे जाने वाले इंजेक्शन भी कहीं संक्रमित तो नहीं. क्योंकि मात्र बिक्रमगंज जेल की बात करें, तो वहां नौ बंदी एचआइवी संक्रमित पाये गये हैं.साझे रूप में इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं नशेड़ी
नशे की लत में फंसे युवा आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते हैं. इसके बाद वे साझा नशा करने लगते हैं. ऐसे में वे एक दूसरे का इस्तेमाल किया हुआ इंजेक्शन भी लगाने लगते हैं, जो एचआइवी संक्रमण के लिए सरल वाहक सिद्ध हो सकता है. यदि उनमें से कोई एक युवक भी एचआइवी पॉजिटिव है, तो संक्रमण के फैलने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है. यही कारण है कि नशे की आदत अब केवल अपराध या लत नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट भी बनता जा रहा है.बिक्रमगंज मंडल उपकारा में भी नौ बंदी एचआइवी संक्रमित
अनुमंडलाधिकारी प्रभात कुमार के अनुसार बिक्रमगंज मंडल उपकारा में इस समय करीब नौ बंदी एचआइवी पॉजिटिव हैं. यह आंकड़ा अपने आप में परिस्थितियों की गंभीरता को बयान करता है. वहीं एएसपी संकेत कुमार बताते हैं कि कई अभिभावक रोते-बिलखते उनके पास आते हैं. कहते हैं कि पहले मेरा बेटा बिल्कुल सामान्य था. गलत संगत में पड़कर नशे का आदी हो गया. अब एचआइवी पॉजिटिव भी हो चुका है. उन्होंने बताया कि पकड़े गये तीन युवकों में शामिल एचआइवी पॉजिटिव युवक के परिजनों ने भी स्वीकार किया कि वह लंबे समय से बीमारी और नशे की लत से जूझ रहा है. परिवार के लोग हर पल दहशत में रहते हैं कि आगे क्या होगा. नशे का दुष्चक्र न केवल युवक का जीवन बर्बाद कर रहा है बल्कि पूरे परिवार को तनाव, भय और सामाजिक दबाव में धकेल रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

