रोहतास में एचआइवी का बढ़ता खतरा, पांच साल में 25 मरीजों की मौत
Updated at : 12 Jan 2026 10:27 PM (IST)
विज्ञापन

2020 से अब तक मिले 1939 मरीज, सदर अस्पताल में जांच और इलाज की सुविधा, रेड लाइट एरिया में चल रहा विशेष जागरूकता और काउंसलिंग अभियान, स्वास्थ्य विभाग की मुहिम के बावजूद एड्स के मामले चिंता का विषय
विज्ञापन
सासाराम सदर.
रोहतास जिले में एचआइवी एड्स तेजी से पैर पसार रहा है. हर वर्ष जिले में औसतन पांच एड्स मरीजों की मौत हो रही है. वर्ष 2020 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में कुल 1939 एचआइवी मरीज पाये गये हैं, जिनमें 25 लोगों की मौत हो चुकी है. लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है. एड्स एक गंभीर बीमारी है, हालांकि समय पर जांच और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बीमारी को लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. विभागीय चिकित्सकों के अनुसार खासकर रेड लाइट एरिया में विशेष अभियान चलाकर पुरुषों और महिलाओं की काउंसलिंग की जाती है और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है. काउंसलिंग के दौरान एचआइवी पॉजिटिव पाये गये लोगों को सदर अस्पताल में पुन: जांच के लिए भेजा जाता है. जांच में जब पूरी तरह एड्स की पुष्टि हो जाती है, तब सदर अस्पताल स्थित एआरटी रूम में उनका इलाज शुरू किया जाता है. चिकित्सकों का कहना है कि जागरूकता ही एड्स से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. इसके लिए हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए, ताकि स्वयं के साथ-साथ समाज को भी सुरक्षित रखा जा सके. जागरूकता ही बचाव का प्रमुख उपायजिला एड्स पर्यवेक्षक डॉ धर्मदेव सिंह ने बताया कि एचआइवी एड्स एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन इसे पूरी तरह लाइलाज नहीं कहा जा सकता. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रति हर व्यक्ति को सतर्क रहने की जरूरत है. स्वास्थ्य विभाग की टीम साल में कई बार जिले के सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है. इस दौरान लोगों की काउंसलिंग भी की जाती है, जिससे नए मरीजों की पहचान हो पाती है.सदर अस्पताल में जांच और इलाज की सुविधा उपलब्धसदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आसित रंजन ने बताया कि जिले में एचआइवी एड्स को रोकने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है. वर्तमान समय में सदर अस्पताल में एड्स की जांच और इलाज दोनों की सुविधा उपलब्ध है. बीमारी की रोकथाम के लिए रेड लाइट एरिया में विशेष जागरूकता अभियान और काउंसलिंग करायी जाती है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जिले में एड्स पर नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




